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बस्तर पंडुम 2026 का भव्य समापन: अमित शाह बोले – बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण, मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म

जगदलपुर, 09 फरवरी 2026/ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम समापन समारोह में पहुंचे। केन्द्रीय गृह मंत्री का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित महापौर संजय पांडे और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा उपस्थित रहे।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरे बस्तर संभाग की खूबसूरती को एक गीत “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। हजारों स्कूली बच्चों द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बालिकाओं द्वारा मलखंब प्रदर्शन भी किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने बच्चों की शानदार प्रस्तुति की सराहना की।

गीत को हिंदी और हल्बी बोली में रचित किया गया है, जिसमें बादल अकादमी के कलाकारों ने योगदान दिया है। दायरा बैंड ने इसे आधुनिक संगीत के साथ नया स्वरूप दिया है। समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, बांस व लौह शिल्प, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण, चित्रकला, वन औषधि और स्थानीय व्यंजनों की सराहना की।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।

बस्तर पंडुम 2026 के विजेता:

  1. जनजातीय नृत्य – बुधराम सोढ़ी (दंतेवाड़ा)
  2. जनजातीय गीत – पालनार दल (दंतेवाड़ा)
  3. जनजातीय नाट्य – लेखम लखा (सुकमा)
  4. जनजातीय वाद्ययंत्र – रजऊ मंडवी (कोण्डागांव)
  5. जनजातीय वेशभूषा – गुंजन नाग (सुकमा)
  6. जनजातीय आभूषण – सुदनी दुग्गा (नारायणपुर)
  7. जनजातीय शिल्प – ओमप्रकाश गावड़े (कांकेर)
  8. जनजातीय चित्रकला – दीपक जुर्री (कांकेर)
  9. जनजातीय पेय पदार्थ – भैरम बाबा समूह (बीजापुर)
  10. जनजातीय व्यंजन – ताराबती (दंतेवाड़ा)
  11. आंचलिक साहित्य – उत्तम नाईक (कोण्डागांव)
  12. बस्तर वन औषधि – राजदेव बघेल (बस्तर)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है और मार्च 2026 तक माओवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान का उत्सव है। बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुका है और यहां विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है और सरकार क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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