
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पर बनी फिल्म ‘शतक’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स छूट
छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर विभाग ने हिंदी फीचर फिल्म ‘शतक’, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है, को राज्य में प्रदर्शित किए जाने पर SGST (राज्य माल एवं सेवा कर) में छूट देने का आदेश जारी किया है। यह छूट 28 फरवरी 2026 से छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगी। आदेश के अनुसार मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघर दर्शकों से SGST की राशि नहीं लेंगे, बल्कि राज्य शासन द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी। टिकट दरों में वृद्धि नहीं की जा सकेगी। इस निर्णय से दर्शकों को सीधा लाभ मिलेगा और फिल्म के प्रदर्शन को प्रोत्साहन मिलेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार का आदेश: फिल्म ‘शतक’ को 6 माह तक SGST में छूट
रायपुर, 27 फरवरी 2026।छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (राज्य कर) विभाग ने हिंदी फीचर फिल्म ‘शतक’ के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश (दिनांक 27.02.2026) के अनुसार फिल्म को राज्य में प्रदर्शित किए जाने पर देय राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
28 फरवरी 2026 से छह माह तक लागू रहेगी छूट
आदेश में उल्लेख है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष की पृष्ठभूमि एवं विशेष गुणों को दृष्टिगत रखते हुए फिल्म ‘शतक’ के छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन की अवधि 28 फरवरी 2026 से आगामी छह माह तक रहेगी। इस अवधि में दर्शकों से टिकट पर SGST की वसूली प्रभावी रूप से नहीं की जाएगी।
मल्टीप्लेक्स/सिनेमाघरों के लिए निर्देश
शासन ने स्पष्ट किया है कि—
संबंधित सिनेमाघर एवं मल्टीप्लेक्स टिकट बिक्री में SGST की राशि घटाकर दर्शकों को लाभ देंगे।
फिल्म के प्रदर्शन हेतु प्रचलित सामान्य प्रवेश शुल्क में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की जाएगी।
सेवा प्रदाता (मल्टीप्लेक्स/सिनेमाघर) द्वारा देय SGST की राशि का वहन स्वयं किया जाएगा, जिसकी प्रतिपूर्ति बाद में राज्य शासन द्वारा की जाएगी।
प्रशासनिक प्रावधान
आदेश के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश आयुक्त, राज्य कर, छत्तीसगढ़ द्वारा पृथक से जारी किए जाएंगे। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।
दर्शकों को सीधा लाभ
राज्य सरकार के इस निर्णय से दर्शकों को टिकट दरों में प्रत्यक्ष राहत मिलेगी तथा फिल्म के प्रदर्शन को बढ़ावा मिलेगा। सांस्कृतिक एवं वैचारिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्मों को प्रोत्साहन देने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










