आंध्र प्रदेश शराब घोटाला: ED ने 441 करोड़ की संपत्तियां जब्त, 4000 करोड़ के नुकसान का आरोप

आंध्र प्रदेश शराब घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, 441 करोड़ की संपत्तियां अटैच

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश में हुए कथित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 441.63 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) 2002 के तहत की गई है।

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ईडी की जांच में सामने आया कि आंध्र प्रदेश में शराब खरीद और वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। इस मामले में राजशेखर रेड्डी, उनके परिवार के सदस्य, बुट्टीट चाणक्य, मुट्टेड़ी श्रीनिवास रेड्डी सहित कई कंपनियों और व्यक्तियों की संपत्तियां अटैच की गई हैं।

4000 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप

ईडी ने बताया कि इस मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई थी, जिसमें सरकारी खजाने को लगभग 4000 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाया गया है।

जांच में यह भी सामने आया कि 2019 से पहले राज्य में शराब व्यापार पारदर्शी प्रणाली से संचालित होता था, लेकिन बाद में नई व्यवस्था लागू कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रणाली में बदलाव किया गया।

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OPS प्रणाली से बाजार पर नियंत्रण

ईडी के अनुसार, शराब की बिक्री और वितरण में OPS (ऑफिस ऑफ स्टॉक) प्रणाली का उपयोग कर कुछ चुनिंदा ब्रांड्स को बढ़ावा दिया गया, जबकि अन्य ब्रांड्स को बाजार से बाहर कर दिया गया। इससे सिंडिकेट को बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ हुआ।

डिस्टिलरीज से रिश्वत लेने का आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि शराब बनाने वाली डिस्टिलरीज से 15% से 20% तक कमीशन लिया जाता था। इस पैसे को कथित तौर पर विभिन्न माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग कर सिंडिकेट के सदस्यों में बांटा जाता था।

ईडी का कहना है कि कई कंपनियों ने कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति के लिए फर्जी और विदेशी संस्थाओं को नियुक्त किया था, जिससे अवैध धन को वैध बनाने की कोशिश की गई।

ईडी इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है और आने वाले समय में और भी संपत्तियां जब्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।