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CBI ने कई हजार करोड़ के GainBitcoin क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया

मुंबई, 11 मार्च 2026: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने Darwin Labs Private Limited के सह-संस्थापक और CTO आयुष वर्षने को GainBitcoin क्रिप्टो घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला Variabletech Pte. Ltd. द्वारा चलाए गए पोंजी स्कीम से जुड़ा है, जिसमें निवेशकों को उच्च रिटर्न का लालच देकर उनके पैसे हड़प लिए गए।

CBI के अनुसार, निवेशकों से जुटाए गए फंड का गलत इस्तेमाल किया गया और इस मामले में IPC की धारा 120B, 406 और 420 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 के तहत जांच चल रही है। इस मामले की जांच भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 13 दिसंबर 2023 के आदेश के तहत CBI द्वारा की जा रही है। इस आदेश में GainBitcoin घोटाले से संबंधित सभी एफआईआर की एक समान जांच करने का निर्देश दिया गया था।

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जांच में यह सामने आया कि Darwin Labs Private Limited और इसके सह-संस्थापक आयुष वर्षने, साहिल बाघला और निकुंज जैन ने MCAP नामक क्रिप्टो टोकन और इसके ERC-20 स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को डिज़ाइन, डेवलप और डिप्लॉय किया। Darwin Labs पूरे घोटाले का तकनीकी ढांचा तैयार करने में अहम था, जिसमें GBMiners.com, बिटकॉइन पेमेंट गेटवे, Coin Bank बिटकॉइन वॉलेट और GainBitcoin निवेशक वेबसाइट शामिल हैं।

आरोपी आयुष वर्षने फरार था, जिसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया। 9 मार्च 2026 को वह मुंबई में भारत छोड़ने का प्रयास कर रहा था, जहां उसे इमिग्रेशन अधिकारियों ने CBI के हवाले किया। CBI ने 10 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार किया।

CBI ने कहा है कि वह इस घोटाले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कर सभी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाएगी। मामले की जांच अभी जारी है और CBI सभी तथ्य जुटा रही है ताकि आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के तहत सजा दिलाई जा सके।

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