अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, 36.66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

पटना, 11 मार्च 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पटना ज़ोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में 9 मार्च 2026 को विशेष न्यायालय (PMLA), पटना में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की है। इस मामले में अरुण यादव उर्फ अरुण कुमार सिंह, किरण देवी, राजेश कुमार रंजन, दीपु कुमार और Kiran Durga Contractors Pvt. Ltd. को आरोपी बनाया गया है। मामला अवैध बालू खनन, भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए अर्जित अवैध धन को वैध बनाने से जुड़ा है।

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ED ने यह जांच बिहार पुलिस और स्पेशल विजिलेंस यूनिट द्वारा दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की थी। इन FIR में धोखाधड़ी, उगाही, अवैध बालू खनन और आय से अधिक संपत्ति रखने जैसे आरोप शामिल हैं, जो भारतीय दंड संहिता और Prevention of Corruption Act, 1988 के तहत दर्ज किए गए थे।

जांच में सामने आया कि आरोपी अरुण यादव और उनके परिवार ने आकलन वर्ष 2014-15 से 2024-25 के बीच करीब 39.31 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जबकि इस अवधि में उनकी वैध आय लगभग 2.65 करोड़ रुपये ही थी। इस प्रकार करीब 36.66 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति पाई गई।

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इससे पहले ED ने 27 फरवरी 2024 को अरुण यादव और Kiran Durga Contractors Pvt. Ltd. से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड बरामद किए गए। जांच में यह भी पता चला कि अवैध बालू खनन और पद के दुरुपयोग से अर्जित धन को नकद जमा, डेयरी और पशुपालन व्यवसाय से बढ़ा-चढ़ाकर आय दिखाने तथा कंपनी के माध्यम से फंड ट्रांसफर कर “लेयरिंग” के जरिए छिपाया गया। इसके बाद इस धन से कृषि भूमि, फ्लैट और पटना में एक व्यावसायिक प्लॉट सहित कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

जांच के दौरान ED ने करीब 21.38 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था, जिसे बाद में PMLA की न्यायिक प्राधिकरण ने भी पुष्टि कर दी।

जांच पूरी होने के बाद ED पटना ने आरोपियों के खिलाफ **Prevention of Money Laundering Act, 2002 की धारा 3 और 4 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करते हुए अभियोजन शिकायत दाखिल की है, जिसे विशेष अदालत ने रिकॉर्ड पर ले लिया है।

ED ने कहा है कि मामले की आगे की जांच अभी जारी है।