बलरामपुर: पंचायत ने बढ़ाया मदद का हाथ, पीएम आवास हितग्राही को 57 हजार से अधिक की सहायता

पंचायत ने बढ़ाया सहयोग का हाथ: हितग्राही सीताराम सोनवानी को मिली तात्कालिक आर्थिक सहायता

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बलरामपुर, 12 मार्च 2026।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लंबित भुगतान की स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत बादा ने मानवीय पहल करते हुए हितग्राही सीताराम सोनवानी की सहायता के लिए आगे कदम बढ़ाया है। तात्कालिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत बादा द्वारा उन्हें 57 हजार 712 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, ताकि वे आवास निर्माण में लगे सामग्री के लेनदारों का भुगतान कर सकें।

वर्तमान में सीताराम सोनवानी ने अपना आवास निर्माण पूरा कर लिया है और वे अपने परिवार के साथ पक्के घर में निवास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री आवास योजना की शेष राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी, तब वे पंचायत से मिली यह राशि वापस कर देंगे।

आजीविका के लिए भी मिल रहा सहयोग

हितग्राही को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत भी सहयोग दिया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और पशुधन विकास विभाग के माध्यम से उन्हें बकरियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही मनरेगा के तहत उनके लिए बकरी शेड निर्माण की स्वीकृति भी दी जा रही है, ताकि वे पशुपालन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें।

सीताराम सोनवानी ने इस सहयोग के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त किया है।

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तकनीकी कारणों से लंबित हुई दूसरी किश्त

जनपद पंचायत बलरामपुर के सीईओ ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत बादा के आश्रित ग्राम गम्हरिया निवासी सीताराम सोनवानी को विशेष परियोजना के अंतर्गत नक्सल पीड़ित एवं आत्मसमर्पित परिवार श्रेणी में चिन्हित किया गया था। प्रारंभ में उनके आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन बाद में शासन द्वारा इस श्रेणी के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान निर्धारित किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है और साथ ही मनरेगा के माध्यम से 90 दिवस का रोजगार भी उपलब्ध कराया जाता है।

सीताराम सोनवानी के आवास की स्वीकृति 26 मार्च 2025 को मिली थी। इसके बाद 3 सितंबर 2025 को पहली किश्त के रूप में 40 हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजे गए, जिससे उन्होंने प्लिंथ स्तर तक निर्माण कार्य पूरा किया।

भुगतान मॉड्यूल बदलने से अटका भुगतान

प्लिंथ स्तर का कार्य पूरा होने के बाद 13 अक्टूबर 2025 को जियो-टैगिंग कर दूसरी किश्त के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। दूसरी किश्त के रूप में 55 हजार रुपये जारी किए गए, लेकिन भुगतान प्रणाली में स्टेट नोडल अकाउंट से एसएनए स्पर्श प्रणाली में परिवर्तन के कारण यह राशि एमआईएस में लंबित रह गई और 15 जनवरी 2026 तक भुगतान नहीं हो सका।

इसके बाद 16 जनवरी 2026 को जनपद पंचायत द्वारा नए भुगतान मॉड्यूल के माध्यम से पुनः एफटीओ जारी किया गया। फिलहाल भुगतान प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा है और शासन-प्रशासन स्तर पर इसे जल्द पूरा करने के प्रयास जारी हैं।

इस बीच ग्राम पंचायत बादा द्वारा सीताराम सोनवानी को 57,712 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है और जिला प्रशासन द्वारा भी उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है।