
ईरान-इजरायल युद्ध का 26वां दिन: परमाणु ठिकानों के करीब धमाकों से वैश्विक परमाणु संकट गहराया
ईरान के इस्फहान में भीषण हवाई हमले! तेहरान से 330 किमी दूर धमाकों से दहला शहर। जानें परमाणु ठिकानों की स्थिति और ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम।
ईरान के इस्फहान में तड़के भीषण हमले: धमाकों से थर्राया शहर, तेहरान से 330 किमी दूर गूँजी मिसाइलों की गड़गड़ाहट
ईरान-इजरायल युद्ध का 26वां दिन: परमाणु ठिकानों के करीब धमाकों से वैश्विक परमाणु संकट गहराया
LIVE UPDATES तेहरान/इस्फहान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच आज तड़के ईरान का ऐतिहासिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान (Isfahan) भारी धमाकों की आवाज से दहल उठा। तेहरान से लगभग 330 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में स्थानीय समयानुसार सुबह 4:00 बजे के करीब एक के बाद एक कई धमाके सुने गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमलों का लक्ष्य ईरानी सेना (IRGC) के ठिकानें और ऑप्टिक्स निर्माण केंद्र थे।
1. हमले का केंद्र: आखिर क्या हुआ इस्फहान में?
इस्फहान ईरान का वह शहर है जिसे देश का ‘सामरिक हृदय’ कहा जाता है। आज तड़के हुए हमलों ने न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों को भी निशाना बनाया है।
- ऑप्टिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेंटर: इजरायली सेना (IDF) के दावों के अनुसार, इस्फहान में ईरान के रक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख ऑप्टिक्स कंपनी को निशाना बनाया गया है, जो मिसाइलों और ड्रोन्स के लिए लेंस और सेंसर्स तैयार करती है।
- विस्फोटक उत्पादन केंद्र: हमलों में एक बड़े विस्फोटक निर्माण केंद्र को भी भारी क्षति पहुँची है।
- वायु सेना अड्डा: इस्फहान के पास स्थित 8वें टैक्टिकल एयर बेस के करीब भी धुएं का गुबार देखा गया है।
2. परमाणु ठिकानों पर मंडराया खतरा?
दुनिया की चिंता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि इस्फहान के पास ही ईरान का नतांज़ (Natanz) परमाणु परिसर स्थित है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
3. युद्ध के 26 दिन: नुकसान का भयानक आंकड़ा
फरवरी के अंत से शुरू हुए इस ‘सेकंड ईरान वॉर’ (Second Iran War) ने अब तक हजारों लोगों की जान ले ली है। नीचे दिए गए आंकड़े इस युद्ध की विभीषिका को दर्शाते हैं:
| क्षेत्र (Domain) | अनुमानित क्षति / आंकड़े (26 मार्च तक) |
|---|---|
| कुल मौतें (ईरान) | 6,500+ (सैनिक और नागरिक शामिल) |
| कुल घायल (ईरान) | 15,000+ सैन्यकर्मी, 10,000+ नागरिक |
| सैन्य उपकरण (ईरान) | 190+ मिसाइल लांचर, 140 नौसैनिक जहाज तबाह |
| अमेरिकी/इजरायली क्षति | 13 अमेरिकी सैनिक शहीद, 22 इजरायली नागरिक मृत |
| विस्थापित लोग | ईरान और पड़ोसी देशों में करीब 20 लाख लोग प्रभावित |
4. ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम और 15-पॉइंट प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया है कि यदि ईरान ने 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से नहीं खोला, तो हमले और भी भीषण होंगे।
सीजफायर प्रस्ताव: अमेरिका ने ईरान को एक 15-पॉइंट का ‘शांति प्रस्ताव’ भेजा है, लेकिन ईरान ने इसे “असंवैधानिक और अपमानजनक” बताते हुए खारिज कर दिया है। ईरान की मांग है कि उसे युद्ध के नुकसान का हर्जाना (Reparations) दिया जाए और उसकी संप्रभुता की गारंटी दी जाए।
5. भारत पर क्या होगा असर? (The India Factor)
छत्तीसगढ़ और भारत के अन्य हिस्सों में इस युद्ध का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।
- ईंधन की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल $130 के पार जा सकता है, जिससे भारत में महंगाई दर बढ़ सकती है।
- भारतीय दूतावास की सलाह: तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को घरों के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।
इस्फहान पर हमला यह स्पष्ट करता है कि इजरायल और अमेरिका अब ईरान के भीतर सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं। रूस और चीन ने इन हमलों की निंदा की है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। दुनिया एक बहुत बड़े मानवीय संकट की दहलीज पर खड़ी है।












