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अम्बिकापुर नक्शा प्रोजेक्ट प्रशिक्षण: कलेक्टर अजीत वसंत ने दिए भू-अभिलेखों को डिजिटल और सटीक बनाने के निर्देश | Pradesh Khabar






अम्बिकापुर: नक्शा प्रोजेक्ट के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, कलेक्टर अजीत वसंत ने दिए निर्देश | Pradesh Khabar


प्रशासनिक समाचार

अम्बिकापुर: नक्शा प्रोजेक्ट से सुधरेगा शहरी भू-अभिलेख ढांचा, तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज

अम्बिकापुर: जिले में शहरी भूमि रिकॉर्ड्स को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नक्शा प्रोजेक्ट एक बेहद संवेदनशील और तकनीकी कार्य है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी बारीकियों को गंभीरता से सीखने और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

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क्या है NAKSHA कार्यक्रम का उद्देश्य?
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य शहरी भूमि रिकॉर्ड्स के लिए एक सटीक और व्यापक ‘भू-स्थानिक डाटाबेस’ तैयार करना है। इसमें उन्नत GIS तकनीक, हवाई और जमीनी सर्वेक्षणों का समन्वय कर भूमि प्रशासन को बेहतर बनाया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान एमपीएसईडीसी (MPSEDC) के विशेषज्ञ श्री योगेश वानी एवं श्री अमन सेन तथा सीएलआर कार्यालय से आए श्री प्रदीप वर्मा एवं श्री रमेश मिश्रा ने प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सटीक भू-स्थानिक डेटा से न केवल संपत्ति स्वामित्व रिकॉर्ड सरल होंगे, बल्कि शहरी विकास की योजनाओं को लागू करने में भी प्रशासन को बड़ी मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण में प्रमुख उपस्थिति

इस अवसर पर जिला नोडल अधिकारी (नक्शा प्रोजेक्ट) एवं अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती उषा नेताम, श्रीमती दीपिका दुबे सहित नगर निगम क्षेत्र के पटवारी, राजस्व निरीक्षक (RI) और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन से भूमि उपयोग की प्रभावी योजना बनेगी और संपत्ति से जुड़े लेन-देन में होने वाली जटिलताएं समाप्त हो जाएंगी। इससे आम नागरिकों को उनके भूमि दस्तावेजों और स्वामित्व संबंधी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।


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