गरियाबंद सुशासन तिहार 2026: 1 मई से लगेंगे जन समस्या निवारण शिविर, कलेक्टर बी.एस. उइके ने जारी किए निर्देश।






गरियाबंद: 1 मई से ‘सुशासन तिहार 2026’ का आगाज़, जन समस्या निवारण शिविरों में मौके पर होगा समाधान

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सुशासन तिहार 2026: गरियाबंद में समस्याओं के समाधान के लिए लगेगा शिविरों का महाकुंभ; कलेक्टर ने दिए तैयारी के निर्देश

राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप आमजन की शिकायतों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के लिए गरियाबंद जिले में इस वर्ष भी **”सुशासन तिहार 2026″** का भव्य आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर बी.एस. उइके ने जिला कार्यालय में आयोजित समय-सीमा (TL) की बैठक में इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए अधिकारियों को युद्ध स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

🗓️ अभियान की अवधि: 1 मई 2026 से 10 जून 2026

इन लंबित प्रकरणों पर रहेगा विशेष फोकस

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में 30 अप्रैल 2026 तक लंबित सभी महत्वपूर्ण प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के दौरान निम्नलिखित विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी:

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📍 भूमि संबंधी: नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन
📍 मनरेगा: लंबित मजदूरी भुगतान
📍 प्रमाण पत्र: आय, जाति एवं निवास आवेदन
📍 बिजली: ट्रांसफार्मर व बिजली समस्या
📍 पेयजल: हैंडपंप सुधार कार्य
📍 सरकारी लाभ: उज्ज्वला, आयुष्मान व पेंशन

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे ‘क्लस्टर शिविर’

अभियान के तहत 1 मई से 10 जून के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह स्तर पर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर ‘जन समस्या निवारण शिविर’ लगाए जाएंगे। इन शिविरों की विशेषता यह होगी कि यहाँ प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी देना भी अधिकारियों के लिए अनिवार्य होगा।

VVIP उपस्थिति और निरीक्षण: अभियान के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक और मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शिविरों में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जिले में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण कर सीधे आमजन से फीडबैक लिया जाएगा।

जन-आंदोलन का रूप लेगा अभियान

कलेक्टर बी.एस. उइके ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि इस अभियान को केवल एक शासकीय कार्य न मानकर एक ‘जन-आंदोलन’ का रूप दें। जिला मुख्यालय में नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जाएगी। बैठकों के पश्चात जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से सीधा संवाद भी किया जाएगा ताकि सुशासन की संकल्पना को धरातल पर उतारा जा सके।

जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कार्ययोजना तैयार की है ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।