मैनपाट शर्मसार: मासूम बच्चियों से दरिंदगी पर भड़के टी.एस. सिंहदेव, कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल।






मैनपाट शर्मसार: टी.एस. सिंहदेव का बड़ा हमला | Mainpat Incident News

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बड़ी खबर

मैनपाट में मासूमों से दरिंदगी: टी.एस. सिंहदेव ने सरकार को घेरा, कहा- “सत्ताधारी पार्टी के महिला सशक्तिकरण के दावे खोखले”

अम्बिकापुर/सीतापुर | 30 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क

सरगुजा/मैनपाट: छत्तीसगढ़ के ‘तिब्बत’ कहे जाने वाले शांत और खूबसूरत पर्यटन स्थल मैनपाट से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। सीतापुर विधानसभा के मैनपाट ब्लॉक में 24 अप्रैल की रात 13-14 साल की स्कूली बच्चियों के साथ हुई हैवानियत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन और वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लिया है।

“मैनपाट में 24 अप्रैल की रात जो कुछ भी हुआ, वह अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और शर्मनाक है। 13-14 साल की स्कूली बच्चियाँ दरिंदगी का शिकार हुईं। उन्हें 7-8 अपराधियों ने अगवा किया था। आज अपराधियों को किसी का डर नहीं रहा, यह प्रशासन की पूरी तरह विफलता है।”

— टी.एस. सिंहदेव (@TS_SinghDeo)

घटना का विवरण: शादी से लौटते वक्त हुआ अपहरण

मिली जानकारी के अनुसार, घटना 24 अप्रैल की रात की है जब मासूम बच्चियाँ एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए 7 से 8 अपराधियों ने हथियारों के बल पर इन नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर लिया। आरोप है कि इसके बाद अपराधियों ने सुनसान इलाके में ले जाकर उनके साथ सामूहिक रूप से दरिंदगी की।

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FIR दर्ज कराने के लिए करना पड़ा ‘संघर्ष’

टी.एस. सिंहदेव ने अपने बयान में सबसे चिंताजनक मुद्दा पुलिसिया कार्रवाई की सुस्ती को बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों को FIR दर्ज कराने तक के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। सिंहदेव ने कहा, “जब न्याय की पहली सीढ़ी (FIR) को ही इतना मुश्किल बना दिया जाए, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है।”

प्रशासनिक विफलता पर सवाल:

  • अपराधियों में कानून का खौफ खत्म क्यों हो गया?
  • इतने गंभीर मामले में FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई?
  • क्या अपराधियों को किसी राजनीतिक संरक्षण का लाभ मिल रहा है?
  • बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दावे ज़मीनी हकीकत में क्यों फेल हैं?

सत्ताधारी दल पर तीखा हमला

सिंहदेव ने सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के नारों पर प्रहार करते हुए कहा कि एक ओर महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, तो दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इतनी भयावह है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा राज्य सरकार की पहली जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सरकार के सभी दावे खोखले नजर आ रहे हैं।

कठोर सजा की मांग

प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने मांग की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को ऐसी कठोर और उदाहरणीय सजा दी जाए, जो समाज में एक मिसाल बने। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

क्षेत्र में भारी आक्रोश

मैनपाट और सीतापुर क्षेत्र में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क इस घटना की कड़ी निंदा करता है और प्रशासन से मांग करता है कि मासूमों को जल्द से जल्द न्याय मिले।