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यूपी विधानसभा में ‘नारी शक्ति’ पर आर-पार: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष को घेरा, कहा- “सपा-कांग्रेस के असली चेहरे को बेनकाब करेंगे विधायक”।






यूपी विधानसभा विशेष सत्र: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संग्राम


लखनऊ | 30 अप्रैल 2026
रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: यूपी विधानसभा में विपक्ष को बेनकाब करेगी बीजेपी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का तीखा हमला

लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन ‘महिला सशक्तिकरण’ और ‘सियासी आरोप-प्रत्यारोप’ के नाम रहने वाला है। यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज सदन के भीतर बीजेपी के विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करेंगे और उन दलों के चेहरों को उजागर करेंगे जिन्होंने महिला आरक्षण की राह में रोड़े अटकाए हैं।

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“आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में सभी विधायक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में अपनी बात रखेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने जिस तरह बिल को संसद में रोकने का काम किया है, उसे बेनकाब करने का काम आज हमारे विधायक सदन के भीतर करेंगे।”

— ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)

सपा-कांग्रेस पर ‘महिला विरोधी’ होने का आरोप

ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी देश में महिलाओं को अधिकार देने की बात आती है, विपक्षी दल नकारात्मक राजनीति पर उतर आते हैं। उन्होंने हाल ही में संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी नहीं चाहतीं कि जमीनी स्तर की महिलाएं सदन और विधानसभाओं तक पहुंचें।

विधानसभा में आज क्या होगा खास?

लखनऊ से मिल रही जानकारी के अनुसार, आज सदन में सत्ता पक्ष के विधायक एक स्वर में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की उपयोगिता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसके महत्व पर चर्चा करेंगे। सरकार की कोशिश है कि इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर यह संदेश दिया जाए कि बीजेपी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष इसे केवल तकनीकी आधार पर रोकना चाहता है।

सदन की कार्यवाही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी जवाबी रणनीति तैयार की है। विपक्ष का तर्क है कि बिना ओबीसी (OBC) कोटे के यह बिल अधूरा है और सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए इसे चर्चा का विषय बना रही है।

सियासी मायने: 2027 चुनाव की तैयारी?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी विधानसभा में इस चर्चा के जरिए बीजेपी महिलाओं के बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ‘नारी शक्ति’ को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाकर विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने की यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।


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