सत्ता परिवर्तन और प्रधानमंत्री पद पर संजय राउत का बड़ा बयान: बोले- “2029 में राहुल गांधी हों पीएम, लेकिन जिद नहीं; गठबंधन सर्वोपरि”।





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महाराष्ट्र राजनीति

2029 में राहुल गांधी बनें प्रधानमंत्री, लेकिन गठबंधन का फैसला अंतिम: संजय राउत ने साफ की शिवसेना (UBT) की भूमिका

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एमएलसी चुनावों की गहमागहमी के बीच शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भविष्य की राजनीति और प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान दिया है। राउत ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महाविकास आघाड़ी (MVA) के धर्म का पालन करेगी और गठबंधन का निर्णय ही सर्वोपरि होगा।

“मान लीजिए 2029 में अगर सत्ता परिवर्तन होता है, हम चाहते हैं राहुल गांधी प्रधानमंत्री हों। अगर राहुल गांधी और कांग्रेस ने तय किया कि वह नहीं बनेंगे, कोई और बनेगा, तो हमारी भूमिका क्या होनी चाहिए? हम यह नहीं कहेंगे कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे तो ही हम समर्थन देंगे। बड़ी पार्टी का निर्णय होता है कि किसे क्या जिम्मेदारी देनी है।”

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— संजय राउत, सांसद (शिवसेना UBT)

MLC चुनाव: “अंबादास दानवे को मिलेगा पूरा समर्थन”

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के संदर्भ में मविआ के भीतर चल रही खींचतान की खबरों को खारिज करते हुए राउत ने कहा कि शिवसेना बालासाहेब ठाकरे जी की है और इसका नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में कोई भी नेता किसी के सामने ‘गिड़गिड़ा’ नहीं रहा है। अंबादास दानवे की उम्मीदवारी पर उद्धव ठाकरे ने निर्णय लिया है और महाविकास आघाड़ी के सभी वोट उन्हें मिलेंगे।

MVA की रणनीति: संजय राउत ने जोर देकर कहा कि महाविकास आघाड़ी में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। गठबंधन के भीतर कोई मतभेद नहीं है और सभी घटक दल (शिवसेना UBT, कांग्रेस और शरद पवार गुट) एकजुट होकर चुनावी मैदान में हैं।

2029 और राहुल गांधी: “जिद नहीं, सहयोग की राजनीति”

संजय राउत का यह बयान भविष्य की विपक्षी एकजुटता के लिए काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि शिवसेना (UBT) राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार है, लेकिन वह गठबंधन पर अपनी पसंद थोपना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि राजनीति में लचीलापन जरूरी है और अगर कांग्रेस किसी अन्य चेहरे को आगे करती है, तो शिवसेना उस निर्णय का भी सम्मान करेगी।

राउत ने आगे कहा कि वर्तमान में विपक्षी गठबंधन का मुख्य लक्ष्य तानाशाही के खिलाफ लड़ना और संवैधानिक संस्थाओं को बचाना है। पद की लालसा गठबंधन की प्राथमिकता नहीं है।

विपक्ष पर प्रहार

संजय राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असली शिवसेना वही है जो उद्धव ठाकरे के साथ खड़ी है। उन्होंने शिंदे गुट के नेताओं द्वारा किए जा रहे दावों को ‘हास्यास्पद’ बताया और कहा कि जनता चुनाव में इसका करारा जवाब देगी।