नासिक का नंदुर मध्यमेश्वर बना ‘गुलाबी नगरी’: हजारों मील का सफर तय कर पहुँचे फ्लेमिंगो पक्षी
महाराष्ट्र का ‘भरतपुर’ कहे जाने वाले नासिक के नंदुर मध्यमेश्वर पक्षी अभयारण्य में इन दिनों कुदरत का एक अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। हजारों की संख्या में पहुँचे फ्लेमिंगो (अग्निपंख) पक्षियों ने पूरे जलाशय को गुलाबी आभा से भर दिया है।
बेहतर प्रबंधन और भोजन की उपलब्धता ने खींचा ध्यान
आमतौर पर फ्लेमिंगो प्रवासी पक्षी होते हैं जो सर्दियों के मौसम में दस्तक देते हैं, लेकिन इस बार अप्रैल के अंत में भी इनका विशाल झुंड यहाँ मौजूद है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, नंदुर मध्यमेश्वर में पानी का अनुकूल स्तर और भोजन (काई और छोटे जीव) की प्रचुर उपलब्धता के कारण ये पक्षी यहाँ लंबे समय तक प्रवास कर रहे हैं।
रामसर साइट का बढ़ता गौरव
नंदुर मध्यमेश्वर महाराष्ट्र की पहली ‘रामसर साइट’ (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि) है। यहाँ न केवल फ्लेमिंगो, बल्कि यूरोप और उत्तर एशिया से आने वाले कई अन्य प्रवासी पक्षी भी अपना डेरा डालते हैं। प्रशासन द्वारा अभयारण्य की स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने के कारण यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र पक्षियों के लिए काफी सुरक्षित हो गया है।
पर्यटकों और फोटोग्राफरों की बढ़ी भीड़
पक्षियों के इस मनमोहक दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने के लिए सुबह से ही फोटोग्राफरों की कतार लग रही है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पक्षियों के करीब न जाएं और शोर मचाकर उनके प्राकृतिक आवास में व्यवधान न डालें।
अगर आप भी प्रकृति प्रेमी हैं, तो नासिक का यह नजारा देखने का यह सबसे उपयुक्त समय है। फ्लेमिंगो का यह झुंड अगले कुछ सप्ताह तक यहाँ रहने की उम्मीद है, जिसके बाद ये अपनी अगली यात्रा पर निकल जाएंगे।











