सशक्त हो रहा पहाड़ी कोरवा समुदाय: पीएम-जनमन योजना के बहुउद्देशीय केंद्रों से दूरस्थ बसाहटों में पहुंची बुनियादी सुविधाएं
बलरामपुर: प्रधानमंत्री के मंशानुरूप एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम-जनमन योजना के तहत जिले में विकास का एक सशक्त मॉडल उभरकर सामने आया है, जहां दूरस्थ बसाहटों में बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य और पोषण
इन केंद्रों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही भवन में उप स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र तथा सामुदायिक कक्ष की व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक गतिविधियों की सेवाएं मिल रही हैं।
- बच्चों का विकास: आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 68 बच्चों को नियमित पोषण आहार मिल रहा है।
- मातृ सुरक्षा: गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
- पहाड़ी कोरवा परिवारों को राहत: इन बसाहटों के 155 परिवारों (जिनमें 50 पहाड़ी कोरवा परिवार शामिल हैं) को अब स्वास्थ्य जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
- सामाजिक जागरूकता: केंद्रों में समय-समय पर आयोजित सामाजिक गतिविधियों से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन मिल रहा है।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ा अंतिम छोर
जिला प्रशासन के प्रभावी क्रियान्वयन से पहाड़ी कोरवा समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि इन केंद्रों के निर्माण से बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है। शासन की प्राथमिकता अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास अब धरातल पर सफल होता दिखाई दे रहा है।







