बलरामपुर में ‘पीएम-जनमन’ योजना से बदल रही पहाड़ी कोरवा समुदाय की तस्वीर: आमाकोना और ढोढाचापी में बहुउद्देशीय केंद्रों से मिल रही आधुनिक सुविधाएं।






पीएम-जनमन योजना: बलरामपुर में विकास का नया मॉडल

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM


बलरामपुर | छत्तीसगढ़
30 अप्रैल 2026

सशक्त हो रहा पहाड़ी कोरवा समुदाय: पीएम-जनमन योजना के बहुउद्देशीय केंद्रों से दूरस्थ बसाहटों में पहुंची बुनियादी सुविधाएं

बलरामपुर: प्रधानमंत्री के मंशानुरूप एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम-जनमन योजना के तहत जिले में विकास का एक सशक्त मॉडल उभरकर सामने आया है, जहां दूरस्थ बसाहटों में बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d
विकासखण्ड शंकरगढ़ के ग्राम पोड़ीखुर्द (आमाकोना) और कुसमी के ग्राम भुलसी खुर्द (ढोढाचापी) में निर्मित बहुउद्देशीय केंद्र ग्रामीणों के लिए सुविधा और सशक्तिकरण का केंद्र बन चुके हैं।

एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य और पोषण

इन केंद्रों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही भवन में उप स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र तथा सामुदायिक कक्ष की व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक गतिविधियों की सेवाएं मिल रही हैं।

योजना के प्रभाव और लाभ:

  • बच्चों का विकास: आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 68 बच्चों को नियमित पोषण आहार मिल रहा है।
  • मातृ सुरक्षा: गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
  • पहाड़ी कोरवा परिवारों को राहत: इन बसाहटों के 155 परिवारों (जिनमें 50 पहाड़ी कोरवा परिवार शामिल हैं) को अब स्वास्थ्य जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
  • सामाजिक जागरूकता: केंद्रों में समय-समय पर आयोजित सामाजिक गतिविधियों से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन मिल रहा है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ा अंतिम छोर

जिला प्रशासन के प्रभावी क्रियान्वयन से पहाड़ी कोरवा समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि इन केंद्रों के निर्माण से बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है। शासन की प्राथमिकता अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास अब धरातल पर सफल होता दिखाई दे रहा है।