बलरामपुर: मनरेगा कूप बना मण्डपपारा के किसानों के लिए वरदान, मक्का और आलू की खेती से किसान ने कमाए 1.20 लाख रुपये।






मनरेगा कूप से बदली मण्डपपारा की तस्वीर | बलरामपुर समाचार

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बलरामपुर | 30 अप्रैल 2026

आजीविका का आधार बना मनरेगा कूप: बलरामपुर के मण्डपपारा में जल संकट दूर, किसान की आय में हुई रिकॉर्ड वृद्धि

बलरामपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और ग्रामीण विकास को समर्पित प्रयासों के तहत बलरामपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत रामनगरकला के मण्डपपारा में मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित कूप आज ग्रामीणों के लिए आजीविका का प्रमुख आधार बन गया है। जहाँ कभी पानी की भारी किल्लत थी, वहीं आज यह कूप ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है।

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सफलता की कहानी: मण्डपपारा निवासी सुमन्त हालदार ने ग्राम सभा में कूप निर्माण की मांग रखी थी। भूमिगत जल स्तर कम होने के कारण यहाँ सिंचाई की गंभीर समस्या थी, लेकिन अब कूप निर्माण से वे मक्का और आलू की फसल से लगभग 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर चुके हैं।

तकनीकी स्वीकृति और निर्माण

ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होने के बाद जनपद पंचायत बलरामपुर द्वारा 2.98 लाख रुपये की लागत से कूप निर्माण का प्राक्कलन तैयार किया गया। महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत इसे वित्तीय स्वीकृति मिली और वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।

2.98 लाख
कुल लागत
492
मानव दिवस सृजन
2.5 एकड़
सिंचाई क्षमता
08
लाभान्वित किसान

रोजगार और आर्थिक सुधार

इस परियोजना से न केवल सिंचाई की सुविधा मिली, बल्कि निर्माण के दौरान मण्डपपारा के ग्रामीणों के लिए 492 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई। वर्तमान में इस कूप से 8 किसानों की लगभग 2.5 एकड़ भूमि में सिंचाई सुविधा का विस्तार हुआ है, जिससे वे धान के अलावा अब विविध फसलें लेने में सक्षम हो गए हैं।

प्रशासन के इस प्रयास से क्षेत्र में आर्थिक सुधार की नई लहर दिखाई दे रही है और किसान अब वर्षा पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बन रहे हैं।