इंदौर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का बड़ा एक्शन: लापरवाही पर 2 बिजली इंजीनियरों को थमाया नोटिस
इंदौर: मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सोमवार रात अचानक इंदौर शहर के बिजली सब स्टेशनों का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत की और बिजली आपूर्ति की जमीनी हकीकत जानी। प्रथम दृष्टया स्थानीय इंजीनियरों की गंभीर लापरवाही पाए जाने पर ऊर्जा मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए 2 अधिकारियों के खिलाफ तत्काल नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा मंत्री सिंह ने इंदौर के ओल्ड पलासिया क्षेत्र में पहुंचकर आम बिजली उपभोक्ताओं से संवाद किया। चर्चा के दौरान स्थानीय रहवासियों और उपभोक्ताओं ने क्षेत्र में बार-बार होने वाली अघोषित बिजली कटौती की शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनने के बाद ऊर्जा मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा कि बिजली सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर दो इंजीनियरों को नोटिस, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर रुकेगी वेतनवृद्धि
ऊर्जा मंत्री ने मौके पर ही मुख्य अभियंता आरसी जैन को ओल्ड पलासिया और मनोरमागंज क्षेत्र के बिजली इंजीनियरों सत्यप्रकाश जायसवाल और कमलेश टाले को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के बाद मंगलवार दोपहर को ही दोनों इंजीनियरों को नोटिस थमा दिए गए। विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, यदि तय समय में इन इंजीनियरों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इनकी वेतनवृद्धि रोकने (इन्क्रीमेंट रोकने) की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग के आला अधिकारी रहे मौजूद
सोमवार देर रात हुए इस औचक निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान बिजली कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इनमें मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, मुख्य अभियंता (कार्य) एसएल करवाड़िया और शहर अधीक्षण अभियंता डीके गाठे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। ऊर्जा मंत्री के इस औचक दौरे के बाद से समूचे इंदौर विद्युत विभाग के अमले में हड़कंप मचा हुआ है।











