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आज का पंचांग 20 मई 2026: वरद विनायक चतुर्थी व्रत आज, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय






आज का पंचांग 20 मई 2026: वरद विनायक चतुर्थी व्रत आज, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय


आज का पंचांग 20 मई 2026: ज्येष्ठ मास की वरद विनायक चतुर्थी आज, जानें आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और दैनिक चौघड़िया

राष्ट्रीय डिजिटल समाचार डेस्क: सनातन धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, व्यापारिक सौदे या मांगलिक अनुष्ठान करने से पहले दिन के शुभ और अशुभ समय का आंकलन करना बेहद जरूरी होता है। आज बुधवार, 20 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास (अधिमास) के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है, क्योंकि आज वरद विनायक चतुर्थी का पावन व्रत रखा जा रहा है। बुधवार और चतुर्थी का यह दुर्लभ संयोग विघ्नहर्ता भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है।

विशेष योग: आज पंचांग के अनुसार आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है। इसके साथ ही सूर्योदय से लेकर सुबह 06:11 बजे तक रवि योग का भी प्रभाव रहेगा, जो किसी भी कार्य की सफलता के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

वैदिक ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा की गतियों के आधार पर ही दिन के समय की गणना की जाती है। आज छत्तीसगढ़ समेत देश के अधिकांश हिस्सों में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय इस प्रकार रहने वाला है:

खगोलीय घटना समय (प्रातः / सायं)
सूर्योदय (Sunrise) प्रातः 05 बजकर 28 मिनट पर
सूर्यास्त (Sunset) सायं 07 बजकर 08 मिनट पर
चन्द्रोदय (Moonrise) प्रातः 08 बजकर 43 मिनट पर
चन्द्रास्त (Moonset) रात्रि 11 बजकर 08 मिनट पर

आज का संपूर्ण पंचांग (Hindu Calendar Details)

पंचांग के पांच मुख्य अंग- तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार होते हैं। आज 20 मई 2026 के इन अंगों का विस्तृत विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

पंचांग तत्व विवरण और समय अवधि
विक्रम संवत 2083, सिद्धार्थि
शक संवत 1948, पराभव
महीना / मास ज्येष्ठ (अधिक मास)
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि (Tithi) चतुर्थी तिथि – प्रातः 11 बजकर 06 मिनट तक (इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ)
वार (Day) बुधवार (भगवान गणेश और बुध देव की पूजा का दिन)
नक्षत्र (Nakshatra) आर्द्रा नक्षत्र – प्रातः 06 बजकर 11 मिनट तक (इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र प्रारंभ)
योग (Yoga) शूल योग – दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक (इसके बाद गण्ड योग प्रारंभ)
प्रथम करण विष्टि (भद्रा) – प्रातः 11 बजकर 06 मिनट तक
द्वितीय करण बव – रात्रि 09 बजकर 42 मिनट तक
सूर्य राशि वृषभ राशि
चन्द्र राशि मिथुन राशि – रात्रि 10 बजकर 38 मिनट तक (इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश)

शुभ मुहूर्त और अमृत काल (Auspicious Timings)

आज के दिन यदि आप कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें। हालांकि, ध्यान रहे कि आज दोपहर में अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

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मुहूर्त का नाम समय अवधि स्थिति
ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04 बजकर 05 मिनट से 04 बजकर 46 मिनट तक अति शुभ
रवि योग प्रातः 05 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 11 मिनट तक शुभ फलदायी
विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 29 मिनट तक कार्य सिद्धि
गोधूलि मुहूर्त सायं 07 बजकर 06 मिनट से सायं 07.27 मिनट तक पूजा के लिए उत्तम
अमृत काल रात्रि 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक (21 मई की सुबह) अमृत योग

आज का अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)

वैदिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल और दुर्मुहूर्त के दौरान किसी भी प्रकार के नए या मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इस समय में किए गए कार्यों में विघ्न आने की आशंका रहती है।

अशुभ समय समय अवधि सावधानी
राहुकाल (Rahu Kaal) दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से दोपहर 02 बजकर 00 मिनट तक यात्रा व नए कार्य टालें
गुलिक काल प्रातः 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक वर्जित समय
यमगण्ड प्रातः 07 बजकर 10 मिनट से प्रातः 08 बजकर 53 मिनट तक अशुभ काल
दुर्मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक त्याग करें
वर्ज्यम काल सायं 05 बजकर 12 मिनट से सायं 06 बजकर 40 मिनट तक शुभ कार्य वर्जित
भद्रावास प्रातः 11 बजकर 06 मिनट तक (स्वर्ग में) सामान्य भद्रा

आज का दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya Timings)

त्वरित कार्यों और यात्राओं के लिए चौघड़िया मुहूर्त को देखा जाता है। आज बुधवार के दिन का चौघड़िया इस प्रकार है:

  • चर (सामान्य): प्रातः 05 बजकर 29 मिनट से 07 बजकर 10 मिनट तक
  • लाभ (उन्नति): सायं 05 बजकर 16 मिनट से सायं 06 बजकर 57 मिनट तक
  • अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 07 बजकर 10 मिनट से 08 बजकर 51 मिनट तक
  • काल (अशुभ): प्रातः 08 बजकर 51 मिनट से 10 बजकर 32 मिनट तक
  • शुभ (उत्तम): प्रातः 10 बजकर 32 मिनट से दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक
  • रोग (हानि): दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 54 मिनट तक
  • उद्वेग (तनाव): दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से दोपहर 03 बजकर 35 मिनट तक

दिशा शूल और आज का विशेष उपाय

दिशा शूल: आज बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल रहता है। इसलिए आज के दिन उत्तर दिशा की ओर लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा धनिया या पिस्ता खाकर निकलें, इससे दोष का निवारण होता है।

वरद विनायक चतुर्थी व्रत का महत्व

आज ज्येष्ठ अधिक मास की चतुर्थी होने के कारण इसे वरद विनायक चतुर्थी कहा जा रहा है। ‘वरद’ का अर्थ होता है वरदान देने वाला। आज के दिन व्रत रखकर भगवान गणेश की ‘लोढ़ू’ और दूर्वा (दूब घास) से पूजा करने से बुद्धि, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। चूंकि आज बुधवार का दिन भी है, इसलिए बप्पा की आराधना करने से कुंडली में बुध ग्रह के दोष भी शांत होते हैं और व्यापार में उन्नति के मार्ग खुलते हैं।


(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी पारंपरिक पंचांग और वैदिक ज्योतिष की गणनाओं पर आधारित है। स्थानीय समय में सूर्योदय के अनुसार आंशिक अंतर संभव है।)


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