बस्तर की पावन धरा पर ऐतिहासिक मिलन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत; राजकीय गमछा भेंट कर संस्कृति का बढ़ाया गौरव
मुख्य केंद्र: जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़)
तिथि: 20 मई, 2026
बस्तर (जगदलपुर)। छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और प्राकृतिक वैभव के केंद्र बस्तर में आज एक बेहद भव्य और राजनैतिक रूप से महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला। अवसर था मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का, जिसमें शामिल होने के लिए देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर पहुंचे। बस्तर आगमन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का अत्यंत आत्मीय, ऊष्म और गरिमामय स्वागत एवं अभिनंदन किया। दो प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों के इस मिलन ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में नई ऊर्जा का संचार किया है, बल्कि दोनों राज्यों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी एक नई ऊंचाई दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध और गौरवशाली पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप अतिथि देवो भवः की भावना को चरितार्थ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को छत्तीसगढ़ का गौरव माने जाने वाला ‘राजकीय गमछा’ भेंट किया। छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और राजकीय प्रतीकों से सुसज्जित इस गमछे को पहनाकर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का विशेष सम्मान किया। बस्तर की धरती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह आत्मीय स्वागत छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी की उस अनूठी परंपरा को दर्शाता है, जो सुदूर वनांचलों की पहचान रही है।
संपादकीय टिप्पणी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ऐतिहासिक अध्यक्षता में आयोजित हो रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की इस 26वीं बैठक का गवाह बनने के लिए बस्तर को चुना जाना बेहद रणनीतिक और अभूतपूर्व कदम है। ऐसे में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बीच हुई यह द्विपक्षीय मुलाकात अंतर-राज्यीय विकास की दिशा में नए द्वार खोलने वाली साबित होगी।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक: समन्वय और सुशासन का महामंच
उल्लेखनीय है कि देश की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर के जगदलपुर में किया जा रहा है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के तहत छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे महत्वपूर्ण राज्य आते हैं। इस उच्च स्तरीय और अति-महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य इन विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर प्रशासनिक समन्वय स्थापित करना, लंबित सीमावर्ती व ढांचागत मुद्दों को सुलझाना, और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
इस महत्वपूर्ण बैठक के समानांतर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक विशेष द्विपक्षीय बैठक भी आयोजित हुई। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। दोनों मुख्यमंत्रियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश के समग्र विकास के लिए राज्यों के बीच आपसी समन्वय और मजबूत होना चाहिए। खासकर सुरक्षा, जनकल्याणकारी नीतियों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दोनों राज्यों को मिलकर एक साझा रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है।
द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु: सुशासन और विकास योजनाओं पर गहन मंथन
दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हुई इस अनौपचारिक और बेहद रचनात्मक बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषयों को छुआ गया। बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु सुशासन (Good Governance), केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का राज्यों में प्रभावी क्रियान्वयन और आम जनता के हितों से जुड़े अति-संवेदनशील मुद्दे रहे।
बैठक के प्रमुख वैचारिक आयाम:
- उत्तर प्रदेश मॉडल और सुशासन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, माफिया उन्मूलन और सुशासन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए क्रांतिकारी कार्यों की सराहना की। दोनों मुख्यमंत्रियों ने चर्चा की कि कैसे कड़े प्रशासनिक निर्णयों और पारदर्शिता के माध्यम से जनता में शासन के प्रति विश्वास बहाल किया जा सकता है।
- छत्तीसगढ़ की कल्याणकारी योजनाएं: मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों, किसानों और महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही योजनाओं की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे बस्तर जैसे सुदूर वनांचलों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
- सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन का सेतु: उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। प्रभु श्री राम के ननिहाल (छत्तीसगढ़) और उनकी जन्मभूमि व भव्य मंदिर (अयोध्या, उत्तर प्रदेश) के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक सुगम बनाने पर दोनों नेताओं के बीच बेहद सकारात्मक चर्चा हुई। राम वन गमन पथ और धार्मिक पर्यटन सर्किट को जोड़ने पर सहमति जताई गई।
- Direct Benefit Transfer (DBT) और डिजिटल गवर्नेंस: दोनों राज्यों के प्रमुखों ने जनहित की योजनाओं में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए डीबीटी और डिजिटल गवर्नेंस के प्रभावी उपयोग पर अपने-अपने राज्यों के अनुभव साझा किए।
बस्तर की बदलती तस्वीर: सुरक्षा से समृद्धि की ओर बढ़ता कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कैसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर अब भय और आतंक के साए से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक का होना ही इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि यह क्षेत्र अब पूरी तरह से सुरक्षित और मुख्यधारा के विकास के लिए तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्तर की इस बदलती तस्वीर और छत्तीसगढ़ सरकार के विकासोन्मुखी प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके छत्तीसगढ़ आगमन से राज्य की जनता और विशेषकर बस्तर के निवासियों में एक नया उत्साह है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह 26वीं बैठक न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी और उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ के बीच सहयोग के नए युग की शुरुआत करेगी। इस अवसर पर दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस गरिमामय स्वागत समारोह का साक्षी बनकर प्रसन्नता व्यक्त की।











