सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया नमन, कहा- कालजयी कृतियों से मानवता को दी नई दिशा






सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया नमन, कहा- कालजयी कृतियों से मानवता को दी नई दिशा



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सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया नमन: कहा- कालजयी कृतियों से मानवता को दी नई दिशा

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छायावादी युग के महान स्तंभ और प्रख्यात कवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है। मुख्यमंत्री ने साहित्य जगत में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी कालजयी रचनाएं हमेशा समाज का मार्गदर्शन करती रहेंगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा, “सुमित्रानंदन पंत ने अपनी उत्कृष्ट और कालजयी कृतियों से मानवता को एक नई दिशा दी। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की जो चेतना जागृत की, वह आज के समय में भी बेहद प्रासंगिक है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंत का लेखन अद्वितीय था और उनकी रचनाओं से साहित्य जगत सदा आलोकित होता रहेगा।


प्रकृति के सुकुमार कवि थे सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत को हिंदी साहित्य में ‘प्रकृति के सुकुमार कवि’ के रूप में जाना जाता है। छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक पंत की कविताओं में प्रकृति का अत्यंत सुंदर और सजीव चित्रण मिलता है।

वे हिंदी साहित्य के पहले ऐसे रचनाकार थे, जिन्हें उनके उत्कृष्ट महाकाव्य ‘चिदंबरा’ के लिए देश के सर्वोच्च साहित्य सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था।

उनकी प्रमुख कृतियों में पल्लव, गुंजन, वीणा, ग्रन्थि और युगांत जैसी कालजयी रचनाएं शामिल हैं, जो आज भी पाठकों और साहित्यकारों को प्रेरित करती हैं। उनके इस योगदान को याद करते हुए आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है।