सूरजपुर में ‘विश्वास, विकास, जनकल्याण’ शिविरों का सफल समापन, हजारों ग्रामीणों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ






सूरजपुर: ‘विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविरों का हुआ सफल समापन

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सुशासन के 12 वर्ष: सूरजपुर में ‘विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविरों का ऐतिहासिक समापन, अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा सरकारी योजनाओं का लाभ

स्थान: सूरजपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 20 जून, 2026
रिपोर्ट: जिला ब्यूरो प्रमुख

सूरजपुर। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के गौरवशाली और सफल कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में जन चेतना और लोक कल्याण का महाअभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिले सूरजपुर में आयोजित तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण एवं समस्या निवारण शिविरों का आज अत्यंत हर्षोल्लास और सफलता के साथ समापन हो गया। 18 जून से प्रारंभ होकर 20 जून तक चले इस ऐतिहासिक त्रि-दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” मूल मंत्र के अंतर्गत किया गया था। इस वृहद अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन ने ग्रामीण अंचलों में सुदूर बसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी और हितग्राहीमूलक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में एक और मील का पत्थर स्थापित किया है।

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के संवेदनशील एवं कुशल मार्गदर्शन में जिले के सभी छह विकासखंडों में पंचायत स्तर पर लगाए गए इन शिविरों ने हजारों ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) निराकरण कर सुशासन की वास्तविक परिभाषा को धरातल पर चरितार्थ किया है।

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील का कुशल मार्गदर्शन और प्रशासनिक दूरदर्शिता

सूरजपुर जिले की कमान संभाल रहीं कलेक्टर श्रीमती रेना जमील (IAS) के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस तीन दिवसीय शिविर को मात्र एक औपचारिक आयोजन न बनाकर इसे “जनसेवा के महापर्व” के रूप में क्रियान्वित किया। शिविरों की रूपरेखा से लेकर उनके अंतिम क्रियान्वयन तक प्रत्येक स्तर पर कलेक्टर स्वयं मॉनिटरिंग कर रही थीं। उनका स्पष्ट निर्देश था कि कोई भी पात्र नागरिक चाहे वह अत्यंत सुदूर वनांचल क्षेत्र का ही क्यों न हो, जानकारी के अभाव में इन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

जिले के भौगोलिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए, सभी छह विकासखंडों—सूरजपुर, प्रतापपुर, भैयाथान, ओड़गी, रामानुजनगर एवं प्रेमनगर के अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों को क्लस्टर के रूप में चिन्हित किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई थी कि शिविर स्थल पर आने वाले प्रत्येक ग्रामीण को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए, उनके नए आवेदन दर्ज किए जाएं और यदि उनके आवश्यक दस्तावेजों में कोई विसंगति या त्रुटि है, तो उसे तत्काल ठीक किया जाए ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल सके।

जिले के सभी 6 विकासखंडों में फैला जन कल्याण का नेटवर्क

सूरजपुर जिले के सभी छह विकासखंडों में इस वृहद पंजीकरण शिविर को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही पंजीकरण काउंटरों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। जिला प्रशासन द्वारा हर विकासखंड की आवश्यकताओं के अनुरूप वहां के ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर स्थापित किए गए थे:

  • सूरजपुर विकासखंड: जिला मुख्यालय से जुड़े होने के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासनिक टीमों ने सक्रियता दिखाई और समापन दिवस पर विभिन्न पंचायतों में कैंप लगाकर सेवाएं दीं।
  • प्रतापपुर विकासखंड: इस आदिवासी बहुल और कृषि प्रधान क्षेत्र में विशेष रूप से पीएम किसान, आयुष्मान भारत और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • भैयाथान विकासखंड: सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले वृद्धजनों और महिलाओं को पेंशन तथा स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए यहां की टीमों ने तत्परता से काम किया।
  • ओड़गी विकासखंड: अपनी अनूठी भौगोलिक संरचना और वनांचल होने के कारण ओड़गी में विशेष मोबाइल पंजीकरण वैन और कैंपों के माध्यम से अंतिम छोर के नागरिकों को जोड़ा गया।
  • रामानुजनगर विकासखंड: विकासखंड के प्रमुख केंद्रों सहित अंदरूनी ग्रामों में भी पंजीयन, त्रुटि सुधार और लंबित आवेदनों के निपटारे को लेकर वृहद स्तर पर कार्य किया गया।
  • प्रेमनगर विकासखंड: यहाँ की ग्राम पंचायतों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की गई।

इन प्रमुख जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत हुआ पंजीकरण

तीन दिवसीय वृहद शिविरों के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की उन सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं को एक ही छत के नीचे लाया गया जो आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने में रीढ़ की हड्डी मानी जाती हैं। शिविरों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित योजनाओं के काउंटर लगाए गए थे, जहां नए पंजीकरण के साथ-साथ त्रुटि सुधार और ऑन-द-स्पॉट निराकरण किया गया:

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क्र.सं. योजना का नाम शिविर में प्रदान की गई मुख्य सेवाएं व लाभ
1 आयुष्मान भारत योजना पात्र परिवारों के नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए, छूटे हुए सदस्यों के नाम जोड़े गए और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई ताकि ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके।
2 आयुष्मान वय वंदना योजना 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य कवरेज कार्ड जारी किए गए, जो वृद्धजनों को बुढ़ापे में सम्मानजनक स्वास्थ्य सुरक्षा देता है।
3 पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना घरों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल (सोलर रूफटॉप) लगाने हेतु ग्रामीणों को जागरूक कर मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण और सब्सिडी संबंधी जानकारी दी गई।
4 पीएम स्वनिधि योजना स्थानीय छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और ग्रामीण कारीगरों को अपना व्यवसाय बढ़ाने हेतु आसान ऋण सुविधा के नए आवेदन स्वीकृत किए गए।
5 प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) आवास विहीन परिवारों के सर्वेक्षण सूची का मिलान, नए पात्र हितग्राहियों के पंजीकरण और किश्तों के भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया।
6 जल जीवन मिशन (JJM) ‘हर घर जल’ के तहत हर ग्रामीण परिवार तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की प्रगति की समीक्षा और नए कनेक्शनों के लिए आवेदनों का मौके पर निपटारा हुआ।
7 पीएम कौशल विकास योजना बेरोजगार युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने वाली विभिन्न विधाओं (ट्रेड्स) के लिए पंजीयन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
8 विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, और दिव्यांग पेंशन के नए मामलों की स्वीकृति, बैंक खातों में आधार लिंकिंग और रुकी हुई पेंशन को बहाल करने की त्वरित कार्रवाई की गई।

समापन दिवस (20 जून) पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में उमड़ा जनसैलाब

20 जून को शिविर के अंतिम और समापन दिवस पर सूरजपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रशासन द्वारा प्रत्येक चिन्हित ग्राम पंचायत में नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से कार्यों का संपादन किया गया। समापन दिवस पर विशेष रूप से केंद्रित ग्राम पंचायतें निम्नलिखित रहीं:

1. सूरजपुर विकासखंड की अग्रणी ग्राम पंचायतें

सूरजपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्दा, बृजनगर, कसकेला, द्वारिकानगर, जयनगर, लाची, देवीपुर, तिलसिवा, कल्याणपुर एवं गणेशपुर में विशेष शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन पंचायतों में विशेष रूप से कृषि, सिंचाई और बुनियादी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित मामलों का बड़ी संख्या में निपटारा किया गया। युवाओं और महिलाओं ने स्वयं आगे आकर पीएम सूर्यघर और कौशल विकास जैसी आधुनिक योजनाओं में गहरी रुचि दिखाई।

2. रामानुजनगर विकासखंड में क्रियान्वयन

रामानुजनगर विकासखंड के अंतर्गत प्रमुख रूप से ग्राम पंचायत बरहोल, मदनेश्वरपुर एवं स्वयं रामानुजनगर के केंद्रीय क्लस्टर में शिविर आयोजित किए गए। यहाँ की स्थानीय समस्याओं, विशेषकर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार, आधार कार्ड अपडेशन और जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों का मौके पर ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निराकरण किया गया।

3. प्रेमनगर विकासखंड के वनांचल क्षेत्रों में राहत

प्रेमनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले दूरस्थ और सघन क्षेत्रों जैसे ग्राम पंचायत चेंद्रा, कुप्पी, नवाटोला, इंद्रपुर, बिहारपुर, आनंदपुर एवं करोटी (बी) में लगाए गए शिविर वनांचल के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुए। इन क्षेत्रों में आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत बुजुर्गों के पंजीकरण में विशेष सफलता प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त उमेश्वरपुर, चंदन नगर, लोल्की, रेवती एवं खजुरी सहित अन्य आस-पास की ग्राम पंचायतों में भी सघन रूप से शिविर संचालित किए गए, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव के भीतर सभी प्रमुख शासकीय सेवाओं का लाभ एक साथ मिल गया।

प्रशासनिक चुस्ती-फुर्ती: त्रि-स्तरीय नोडल व्यवस्था से सुनिश्चित हुई पारदर्शिता

इस त्रि-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर के सुचारू और सफल क्रियान्वयन के पीछे जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई मजबूत और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था थी। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के दिशा-निर्देशन में प्रत्येक राजस्व अनुभाग (Sub-Division) स्तर पर अधिकारियों की कड़े तौर पर जवाबदेही तय की गई थी, जिसके कारण पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ:

  • मुख्य नोडल अधिकारी: प्रत्येक राजस्व अनुभाग स्तर पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम (SDM) को मुख्य नोडल अधिकारी के रूप में संपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की गई थी। उन्होंने दैनिक स्तर पर प्राप्त आवेदनों, पंजीकृत हितग्राहियों और निराकृत समस्याओं का डेटाबेस तैयार कर सीधे जिला मुख्यालय को रिपोर्ट किया।
  • सहायक नोडल अधिकारी (जनपद पंचायत): संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया था। इनका मुख्य कार्य ग्राम पंचायतों के सचिवों, रोजगार सहायकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना और शिविर स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना था।
  • सहायक नोडल अधिकारी (राजस्व): संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भी सहायक नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया था। इनका मुख्य ध्यान भूमि रिकॉर्ड, त्रुटि सुधार, जाति-निवास प्रमाण पत्र तथा विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों के ऑन-द-स्पॉट सत्यापन और विसंगतियों को दूर करने पर केंद्रित था।

जनता की जुबानी: “अब दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं, सरकार खुद हमारे द्वार आई है”

सूरजपुर जिले के इन तीन दिवसीय शिविरों की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इसने आम जनता के मन में शासन-प्रशासन के प्रति ‘विश्वास’ को और सुदृढ़ किया है। समापन दिवस पर ग्राम पंचायत जयनगर के एक स्थानीय निवासी ने भावुक होते हुए बताया, “मेरे आयुष्मान कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत होने के कारण मुझे काफी परेशानी हो रही थी। मुझे लगा था कि इसके लिए शहर जाकर बड़े दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। लेकिन इस शिविर में कंप्यूटर लेकर बैठे साहब लोगों ने कुछ ही मिनटों में मेरी इस समस्या को दूर कर दिया।”

इसी तरह, प्रेमनगर विकासखंड के बिहारपुर ग्राम पंचायत की एक बुजुर्ग महिला ने आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत अपना कार्ड प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बुढ़ापे में बीमारी के खर्च की चिंता अब दूर हो गई है। यह जन-प्रतिक्रियाएं दर्शाती हैं कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो नीतियां केवल कागजों पर नहीं रहतीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक उजाला लाती हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार के 12 वर्षों के बेमिसाल कार्यकाल का उत्सव मनाने का इससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता था कि उत्सव को सीधे जनता की सेवा से जोड़ दिया जाए। ‘विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ इस विशेष महाअभियान ने सूरजपुर जिले में एक नई प्रशासनिक मिसाल पेश की है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के कुशल मार्गदर्शन, एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदारों की कर्मठता और मैदानी अमले की सक्रियता के बदौलत यह तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर पूरी तरह से अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रहा।

इन तीन दिनों में जितने भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिला प्रशासन उन सभी के डिजिटलाइजेशन और त्वरित क्रियान्वयन पर आगामी दिनों में काम जारी रखेगा। सूरजपुर जिले में आयोजित इन शिविरों के सफल समापन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन ‘अंत्योदय’ यानी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और सुशासन की यह बयार भविष्य में भी इसी तरह अनवरत बहती रहेगी।

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