साप्ताहिक इतिहास: 22 जून से 28 जून | प्लासी का युद्ध, आपातकाल और विश्व युद्ध की शुरुआत






साप्ताहिक इतिहास विशेष: 22 जून से 28 जून | देश और दुनिया की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

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साप्ताहिक इतिहास विशेष बुलेटिन

कालचक्र: 22 जून से 28 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

इतिहास महज़ बीते हुए कल की दास्तान नहीं है, बल्कि यह उन मोड़ों का जीवंत दस्तावेज़ है जिन्होंने हमारी आज की दुनिया को आकार दिया है। जून महीने का यह सप्ताह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की धधकती ज्वाला से लेकर वैश्विक युद्धों के विध्वंसकारी निर्णयों और खेल जगत के कभी न भूले जाने वाले जादुई क्षणों को अपने भीतर समेटे हुए है। आइए, डिजिटल पन्नों को पलटते हैं और जानते हैं कि 22 जून से 28 जून के बीच इतिहास के पन्नों में क्या कुछ अमर हो गया।

1. दैनिक ऐतिहासिक कालक्रम (Daily Historical Chronicles)

📅 22 जून: फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना और ‘हैंड ऑफ गॉड’

22 जून का दिन भारतीय राजनीति और वैश्विक खेल जगत दोनों के लिए एक युगांतरकारी मील का पत्थर साबित हुआ है। इस दिन देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी एक नई राजनीतिक राह चुनी थी, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा को एक नई गति प्रदान की थी।

  • 1939 – ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन: नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस के भीतर ही ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की घोषणा की थी. कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन के बाद महात्मा गांधी और कांग्रेस के दक्षिणपंथी धड़े के साथ वैचारिक मतभेदों के चलते उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था और इस क्रांतिकारी संगठन की नींव रखी थी.
  • 1555 – अकबर बने मुगल साम्राज्य के वारिस: मुगल सम्राट हुमायूं ने औपचारिक रूप से अपने पुत्र जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर को अपना आधिकारिक उत्तराधिकारी और वारिस घोषित किया था, जिससे आगे चलकर भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हुआ.
  • 1897 – चापेकर भाइयों का शौर्य: भारत के क्रांतिकारी इतिहास में पुणे में दामोदर हरी चापेकर और बालकृष्ण हरी चापेकर ने अत्याचारी ब्रिटिश प्लेग कमिश्नर डब्ल्यू. सी. रैंड को गोली मारकर भारतीय असंतोष और क्रांति की पहली बड़ी चिंगारी सुलगाई थी.
  • 1941 – ऑपरेशन बारबारोसा की शुरुआत: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसी काले दिन अडोल्फ हिटलर के नेतृत्व में नाजी जर्मनी ने सोवियत संघ पर अचानक हमला बोल दिया था, जिसे इतिहास में ‘ऑपरेशन बारबारोसा’ के नाम से जाना जाता है.
  • 1986 – माराडोना का ‘हैंड ऑफ गॉड’: फुटबॉल इतिहास का सबसे चर्चित और विवादित क्षण जब अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल में अपने हाथ से गेंद को गोल पोस्ट में धकेल दिया था, जिसे रेफरी पहचान नहीं पाए और अर्जेंटीना मैच जीतकर अंततः चैंपियन बना था.

📅 23 जून: प्लासी की ऐतिहासिक लड़ाई और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अवसान

23 जून की तारीख भारतीय इतिहास के सबसे निर्णायक मोड़ों में से एक मानी जाती है, जिसने भारत की संप्रभुता को अगले दो सौ वर्षों के लिए ब्रिटिश बेड़ियों में जकड़ दिया था।

  • 1757 – प्लासी का युद्ध: रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच प्लासी का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा गया था. नवाब के सेनापति मीर जाफर के विश्वासघात के कारण नवाब की हार हुई और भारत में अंग्रेजी साम्राज्य की वास्तविक राजनैतिक नींव पड़ी.
  • 1953 – डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन: भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कश्मीर में नजरबंदी के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में अस्पताल में निधन हो गया था, जिससे भारतीय राजनीति में एक अपूरणीय क्षति हुई थी.
  • 1661 – मुंबई का ब्रिटिश दहेज: ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स द्वितीय का विवाह पुर्तगाल की राजकुमारी कैथरीन से हुआ था और पुर्तगालियों ने उपहार स्वरूप बॉम्बे (मुंबई) के द्वीप को ब्रिटिश राजशाही को दहेज में सौंप दिया था.
  • 1980 – संजय गांधी की विमान दुर्घटना: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र और तत्कालीन प्रभावशाली युवा नेता संजय गांधी का नई दिल्ली में एक हल्के विमान दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था.

📅 24 जून: वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान

24 जून का दिन भारत की नारी शक्ति और मातृभूमि के प्रति सर्वस्व न्योछावर करने वाले अप्रतिम शौर्य को समर्पित है। इस दिन की गौरव गाथा मध्यकालीन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

  • 1564 – रानी दुर्गावती का सर्वोच्च बलिदान: गोंडवाना की शासक और वीर रानी दुर्गावती ने मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना के सामने घुटने टेकने के बजाय अंतिम सांस तक युद्ध लड़ा था. जब उन्होंने देखा कि पराजय अपरिहार्य है, तो उन्होंने मुगलों के हाथों बंदी बनने के बजाय अपनी ही कटार सीने में घोंपकर वीरगति प्राप्त की थी.
  • 1881 – पंडित श्रद्धाराम शर्मा का निधन: सनातन धर्म के प्रत्येक घर में गाई जाने वाली अमर आरती ‘ओम जय जगदीश हरे’ के रचयिता और प्रख्यात साहित्यकार पंडित श्रद्धाराम शर्मा का आज ही के दिन निधन हुआ था.
  • 1901 – पाब्लो पिकासो की पहली कला प्रदर्शनी: महान चित्रकार पाब्लो पिकासो की पेंटिंग्स की पहली आधिकारिक प्रदर्शनी पेरिस में आयोजित की गई थी, जिसने आधुनिक कला की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया.
  • 1974 – लॉर्ड्स में भारतीय टीम का न्यूनतम स्कोर: भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा काला दिन जब पूरी भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में मात्र 42 रनों पर सिमट गई थी, जो लंबे समय तक भारत का न्यूनतम टेस्ट स्कोर रहा.

📅 25 जून: स्वतंत्र भारत का सबसे विवादित दिन – आपातकाल की घोषणा

25 जून की सुबह स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक गहरा आघात लेकर आई थी, जिसकी गूंज आज भी भारतीय राजनीति के विमर्श में साफ सुनाई देती है।

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  • 1975 – देश में आपातकाल (Emergency) लागू: तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अनुशंसा पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने देश में आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी थी. इसके साथ ही नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए और देश के तमाम विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था.
  • 1983 – भारत का पहला क्रिकेट विश्व कप: ठीक इसी तारीख को कपिल देव की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज को 43 रनों से हराकर पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था.
  • 1908 – सुचेता कृपलानी का जन्म: भारत की प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी राज्य (उत्तर प्रदेश) की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल करने वाली सुचेता कृपलानी का जन्म हुआ था.
  • 2009 – माइकल जैक्सन का महाप्रयाण: दुनिया भर में ‘किंग ऑफ पॉप’ के नाम से मशहूर और संगीत व नृत्य की परिभाषा बदलने वाले अमेरिकी पॉप स्टार माइकल जैक्सन का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन हो गया था.

📅 26 जून: अंतर्राष्ट्रीय प्रताड़ना विरोधी दिवस और छत्रपति शाहू जी महाराज जयंती

26 जून का ऐतिहासिक महत्व सामाजिक न्याय के आंदोलनों और मानव अधिकारों के संरक्षण के दृष्टिकोण से वैश्विक पटल पर अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है।

  • 1874 – राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज का जन्म: कोल्हापुर रियासत के महान शासक और सामाजिक सुधारक शाहू जी महाराज का जन्म हुआ था, जिन्होंने भारत में पहली बार वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था लागू कर सामाजिक क्रांति का सूत्रपात किया था।
  • 1945 – संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर: सैन फ्रांसिस्को में 50 देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के आधिकारिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका के बाद दुनिया में शांति स्थापना के लिए इस वैश्विक संस्था को जन्म दिया।
  • 1997 – प्रताड़ना विरोधी दिवस: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रताड़ना और अन्य क्रूर, अमानवीय व्यवहार के खिलाफ दुनिया को जागरूक करने के लिए हर साल 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय प्रताड़ना विरोधी दिवस मनाने का निर्णय लिया था।

📅 27 जून: राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती

27 जून का दिन भारतीय राष्ट्रीय चेतना और साहित्य के उस उद्घोष को समर्पित है जिसने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में प्राण फूंकने का अद्भुत कार्य किया था।

  • 1838 – बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म: भारत के अमर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता और कालजयी उपन्यास ‘आनंदमठ’ के लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म बंगाल में हुआ था। उनके लिखे गीतों ने देश के क्रांतिकारियों के लिए मंत्र का काम किया था।
  • 1967 – दुनिया का पहला एटीएम (ATM): लंदन के एन्फील्ड में बार्कलेज बैंक ने दुनिया की पहली ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) को स्थापित किया था, जिसने बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन के इतिहास में एक महान तकनीकी क्रांति की शुरुआत की।
  • 2008 – सैम मानेकशॉ का निधन: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के महानायक और भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ का तमिलनाडु के वेलिंगटन में निधन हुआ था।

📅 28 जून: पी. वी. नरसिम्हा राव का जन्म और आर्थिक उदारीकरण का सूत्रपात

28 जून की तारीख आधुनिक भारत के आर्थिक भूगोल और उसकी वैश्विक महाशक्ति बनने की यात्रा की शुरुआत के रूप में दर्ज है।

  • 1921 – पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव का जन्म: भारत के नौवें प्रधानमंत्री और आधुनिक भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाने वाले पामुलापर्ति वेंकट नरसिम्हा राव का जन्म हुआ था। उनके कार्यकाल में ही भारत ने ‘लाइसेंस राज’ को समाप्त कर आर्थिक उदारीकरण (LPG) की नीतियों को अपनाया था।
  • 1914 – प्रथम विश्व युद्ध की चिंगारी: ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांसिस फर्डिनेंड और उनकी पत्नी की सारायेवो में एक सर्बियाई राष्ट्रवादी द्वारा सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस इकलौती घटना ने बारूद के ढेर पर बैठी दुनिया में प्रथम विश्व युद्ध की विभीषिका को भड़का दिया था।
  • 1919 – वर्साय की संधि: प्रथम विश्व युद्ध के ठीक पांच साल बाद पेरिस के वर्साय महल में मित्र देशों और जर्मनी के बीच ऐतिहासिक वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसने औपचारिक रूप से पहले विश्व युद्ध का अंत किया, लेकिन इसी संधि की कठोर शर्तों ने द्वितीय विश्व युद्ध के बीज भी बो दिए थे।

2. विशेष ऐतिहासिक समीक्षा (Historical Deep Dive)

🔥 भारत का आपातकाल (25 जून 1975) – लोकतंत्र की सबसे कठिन परीक्षा

जब हम इस सप्ताह के इतिहास की समीक्षा करते हैं, तो 25 जून 1975 का निर्णय सबसे बड़ा और गंभीर दिखाई देता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को अमान्य घोषित करने और देशव्यापी छात्र आंदोलनों के बाद देश में जो राजनीतिक अस्थिरता पैदा हुई, उसके जवाब में आपातकाल लगाया गया था। यह पूरे 21 महीनों तक चला। इस दौर ने भारतीय न्यायपालिका, प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की सीमाओं को नए सिरे से परिभाषित किया। यही कारण है कि इतिहासकार इसे आधुनिक भारतीय लोकतंत्र का टर्निंग पॉइंट मानते हैं।

⚔️ प्लासी का युद्ध (23 जून 1757) – कैसे व्यापारिक कंपनी बनी शासक

23 जून 1757 को भागीरथी नदी के तट पर प्लासी नामक स्थान पर जो कुछ हुआ, वह केवल एक युद्ध नहीं बल्कि कूटनीति और छल का एक ऐसा खेल था जिसने भारत की नियति बदल दी। सिराजुद्दौला की सेना संख्या में अंग्रेजों से कई गुना बड़ी थी, लेकिन मीर जाफर की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं ने नवाब को अपनों के बीच ही अकेला कर दिया। इस युद्ध ने यह साबित किया कि भारत में एकता का अभाव विदेशी ताकतों के लिए कितना बड़ा हथियार बन सकता था।

3. इतिहास के झरोखे से: इस सप्ताह की संक्षिप्त सार-तालिका

तारीख ऐतिहासिक घटना/दिवस इतिहास पर गहरा प्रभाव
22 जून ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन (1939) स्वतंत्रता आंदोलन में वामपंथी और आक्रामक राष्ट्रवाद का उदय।
23 जून प्लासी का युद्ध (1757) भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की वास्तविक शुरुआत।
24 जून रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस (1564) भारतीय इतिहास में अदम्य साहस और नारी शक्ति का प्रतीक।
25 जून राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा (1975) भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की सबसे बड़ी परीक्षा।
26 जून संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर पर हस्ताक्षर (1945) वैश्विक शांति और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नए विश्व क्रम की स्थापना।
27 जून बंकिन चंद्र चट्टोपाध्याय जयंती (1838) ‘वंदे मातरम’ के माध्यम से देश को सांस्कृतिक एकसूत्रता मिली।
28 जून आर्कड्यूक फर्डिनेंड की हत्या (1914) वैश्विक स्तर पर प्रथम विश्व युद्ध की आधिकारिक शुरुआत का कारण बनी।