रायपुर में कांग्रेस का ‘संगठन सृजन अभियान’: राहुल गांधी और टीएस सिंहदेव ने नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों को दिया जमीनी संघर्ष का मंत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से जीवंत और ऊर्जावान बनाने के उद्देश्य से ‘संगठन सृजन अभियान’ के अंतर्गत एक दिवसीय वृहद प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्य रूप से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठतम नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव सहित राज्य के आला पदाधिकारियों ने शिरकत की।
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य हाल ही में नियुक्त किए गए नए जिला अध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के नेतृत्व को वैचारिक रूप से मजबूत करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए जमीनी रणनीति तैयार करना है। चुनाव के बाद बदले हुए राष्ट्रीय परिदृश्य में कांग्रेस पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक पुनर्गठित करने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ में यह बड़ा आयोजन संपन्न हुआ।
सड़क से सदन तक जनता की आवाज़ बुलंद करने का संकल्प
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बैठक के मुख्य संदेश को साझा किया। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज को पूरी ताकत के साथ उठा रहे हैं।
T S Singhdeo
@TS_SinghDeo
“समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज़ को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाने वाले, न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता रखने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी के साथ आज रायपुर में आयोजित ‘संगठन सृजन अभियान’ के अंतर्गत नव नियुक्त जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में सहभागिता की।
इस प्रेरणादायी संवाद ने संगठन के सशक्तिकरण तथा विचारधारा के प्रति समर्पण को नई ऊर्जा प्रदान की। जनता के मुद्दों को पूरी शक्ति से उठाने और संगठन को जमीनी स्तर पर और मज़बूत करने का हमारा संकल्प और दृढ़ हुआ।”
सिंहदेव ने अपने संबोधन और डिजिटल संदेश में साफ किया कि पार्टी आगामी दिनों में पूरी तरह से आक्रामक राजनीति की तरफ बढ़ेगी। जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई, और स्थानीय प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ता अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।
क्या है ‘संगठन सृजन अभियान’?
कांग्रेस पार्टी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया ‘संगठन सृजन अभियान’ एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए पार्टी पुराने और ढीले पड़ चुके सांगठनिक ढांचे को बदलकर उसमें नए, ऊर्जावान और जवाबदेह चेहरों को जगह दे रही है। छत्तीसगढ़ में इस अभियान के तहत पहली बार मंडल और ब्लॉक स्तर पर व्यापक नियुक्तियां की गई हैं, ताकि सत्ता पक्ष को स्थानीय स्तर पर घेरा जा सके।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों को आधुनिक चुनावी प्रबंधन, सोशल मीडिया का सही उपयोग, सरकारी नीतियों की कमियों को उजागर करने और जनता के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के गुर सिखाए गए।
राहुल गांधी का जिला अध्यक्षों को सीधा संदेश: ‘डरो मत, जनता के लिए लड़ो’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी का यह छत्तीसगढ़ दौरा सांगठनिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बंद कमरे में हुए इस संवाद के दौरान राहुल गांधी ने सीधे जिला अध्यक्षों से वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश में इस समय संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने की लड़ाई चल रही है और इस लड़ाई की मुख्य धुरी कांग्रेस का आम कार्यकर्ता और जिला अध्यक्ष है।
प्रशिक्षण शिविर के मुख्य बिंदु:
- अंतिम व्यक्ति की चिंता: राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि हमारी राजनीति का केंद्र बिंदु समाज का वह व्यक्ति होना चाहिए जो सबसे पीछे छूट गया है। चाहे वह आदिवासी हो, दलित हो, किसान हो या फिर गरीब तबका।
- संविधान की रक्षा: नेताओं को निर्देश दिया गया कि वे आम लोगों को समझाएं कि कैसे मौजूदा नीतियां संविधान के मूल ढांचे को प्रभावित कर रही हैं।
- जमीनी जुड़ाव: सभी नवनियुक्त अध्यक्षों को हर महीने अपने जिलों में अनिवार्य रूप से पदयात्राएं और जनता दरबार लगाने का निर्देश दिया गया है।
- आंतरिक फीडबैक तंत्र: जिला अध्यक्षों को सीधे केंद्रीय नेतृत्व को जमीनी हकीकत की रिपोर्ट भेजने की छूट दी गई है, जिससे राज्य स्तर पर किसी भी गुटबाजी पर लगाम लगाई जा सके।
छत्तीसगढ़ की सियासत पर इस अभियान का दूरगामी असर
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही कांग्रेस खुद को एक मजबूत विपक्ष के रूप में स्थापित करने की कोशिशों में जुटी हुई है। टीएस सिंहदेव और राहुल गांधी की इस जुगलबंदी ने कार्यकर्ताओं में एक नया जोश फूंक दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत किए जा रहे ये बदलाव आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और भविष्य के बड़े चुनावों में कांग्रेस की स्थिति को काफी मजबूत कर सकते हैं।
पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए भी यह कार्यशाला अहम रही, जहां जिला स्तर के नेताओं को बिना किसी संकोच के अपनी बात रखने और स्थानीय स्तर पर आ रही चुनौतियों को साझा करने का पूरा मौका मिला। टीएस सिंहदेव ने अंत में दोहराया कि विचारधारा के प्रति समर्पण ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और रायपुर का यह शिविर इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
Ashish Sinha
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