भोपाल में उमड़ा योग का जनसैलाब: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर टीटी नगर स्टेडियम में भव्य आयोजन, राज्यमंत्री कृष्णा गौर और गणमान्य नागरिकों ने किया योगाभ्यास
भोपाल। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में समाज के हर वर्ग, युवाओं, योग साधकों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर उपस्थित रहीं। उनके साथ ही विधायक भगवानदास सबनानी सहित क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन शैली का संदेश प्रसारित किया।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
राजधानी के इस मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम में शासन और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। योगाभ्यास मंच और दीर्घा में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त भोपाल कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा, और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न योग संस्थाओं के अनुभवी योग साधक, युवा वर्ग और भारी संख्या में आम नागरिकों ने भी आसन और प्राणायाम के निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तन्मयता से पालन किया।
कोलकाता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण
टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश और दुनिया के नाम संदेश का सीधा प्रसारण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक धरती कोलकाता (रेड रोड) से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का नेतृत्व किया। स्टेडियम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों और मंत्रियों ने बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में योग की वैश्विक स्वीकार्यता और मानव कल्याण में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिसने वहाँ मौजूद सभी योग साधकों में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
प्रधानमंत्री के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान: कृष्णा गौर
सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि आज पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भगीरथ प्रयासों से भारतीय संस्कृति के इस अमूल्य अंग ‘योग’ को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान मिली है। आज विश्व के लगभग 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
उन्होंने इतिहास को याद करते हुए रेखांकित किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा रिकॉर्ड समय में भारत के इस प्रस्ताव को बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से स्वीकृति देना और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन ज्ञान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त वैश्विक नेतृत्व का सबसे बड़ा प्रमाण है।
“योग फॉर हेल्दी एजिंग” और मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास
कृष्णा गौर ने अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का पूरी मानवता को दिया गया एक अनमोल उपहार है, जिसे आज जाति, धर्म और सीमाओं से परे जाकर पूरी दुनिया सहर्ष अपना रही है। उन्होंने वर्ष 2026 की वैश्विक थीम के महत्व को समझाते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण के संरक्षण और वैश्विक कल्याण के गहरे अंतर्संबंधों को पूरी तरह से रेखांकित करती है। यह दर्शन सिखाता है कि व्यक्ति का स्वास्थ्य प्रकृति और पूरी पृथ्वी के स्वास्थ्य से अलग नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निरंतर विकास
राज्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्रों में निरंतर अभिनव प्रयास और नीतियां क्रियान्वित की जा रही हैं, ताकि नई पीढ़ी खेल और योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सके। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि योग को सिर्फ 21 जून के उत्सव तक सीमित न रखकर इसे चौबीस घंटे की जीवन शैली का हिस्सा बनाया जाए।
पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां और समग्र स्वास्थ्य का आधार: अशोक बर्णवाल
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और पुरातन जीवन शैली का एक बेहद महत्वपूर्ण व अभिन्न हिस्सा है। आज पूरा विश्व इसके वैज्ञानिक लाभों को देखकर इसे अपना रहा है।
अशोक बर्णवाल ने भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) जैसी पद्धतियां ही समग्र स्वास्थ्य और निरोग जीवन का वास्तविक आधार हैं। इन सभी पारंपरिक प्रणालियों के साथ मिलकर योग हमारी दैनिक जीवन पद्धति का ऐसा अद्भुत अंग बनता है, जो भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी से नियमित दिनचर्या में योग को शामिल कर ऊर्जावान जीवन जीने का आग्रह किया।
निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सामूहिक अभ्यास और संकल्प
भाषणों और संदेशों के उपरांत, स्टेडियम के विशाल मैदान में उपस्थित हजारों प्रतिभागियों ने आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol) के अनुसार व्यवस्थित रूप से सामूहिक योगाभ्यास शुरू किया। कुशल योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में विभिन्न आसनों, प्राणायाम की क्रियाओं और ध्यान का अभ्यास किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनसमूह, अधिकारियों, नेताओं और युवाओं ने एक सुर में देश की प्रगति के लिए स्वयं को स्वस्थ रखने और योग को अपनी नियमित जीवन शैली का स्थायी आधार बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।












