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Pulse Polio 2026: सरगुजा जिला प्रशासन की अपील- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जरूर पिलाएं पोलियो की दो बूंद






पल्स पोलियो अभियान 2026: सरगुजा में जिला टीकाकरण अधिकारी ने खुद संभाली कमान, घर-घर जाकर बच्चों को पिलाई दवा; पढ़ें विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट – Pradesh Khabar


विशेष ग्राउंड रिपोर्ट | छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य

पल्स पोलियो अभियान: जिला टीकाकरण अधिकारी ने स्वयं संभाली कमान, टीम के साथ किया घर-घर दौरा, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पिलाई दो बूंद जिंदगी की

ब्यूरो रिपोर्ट, प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क | अम्बिकापुर (सरगुजा)
प्रकाशन तिथि: 29 जून 2026

अम्बिकापुर/सरगुजा: राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान के दूसरे दिन आज 29 जून 2026 को सरगुजा जिले में मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता चरम पर दिखाई दी। जिले में अभियान के पहले दिन निर्धारित बूथों पर पोलियो की खुराक पिलाने के बाद, अब छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए घर-घर दस्तक (हाउस-टू-हाउस सर्च) का व्यापक चरण शुरू हो चुका है। इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने और कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से बाहर न छूटे, इसे सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर के. पी. विश्वकर्मा ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है।

आज जिला टीकाकरण अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सुपरवाइजरों की विशेष टीम के साथ शहरी एवं संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों का सघन भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल स्वयं आगे बढ़कर शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाई, बल्कि मैदानी स्तर पर काम कर रही मोबाइल और फील्ड टीमों के कार्यों की बारीकी से समीक्षा और निरीक्षण भी किया।

अधिकारियों की सीधी निगरानी: ऑन-फील्ड ग्राउंड जीरो रिपोर्ट

जिला टीकाकरण अधिकारी के औचक निरीक्षण और स्वयं मैदानी दौरे पर उतरने से फील्ड स्टाफ का उत्साह दोगुना हो गया है। आज सुबह से ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टोलियां गलियों, मोहल्लों और दूरस्थ बस्तियों में सक्रिय रहीं। अधिकारियों ने हर एक टीम के मार्ग चार्ट, डस्टिंग लिस्ट और घर के बाहर की जाने वाली मार्किंग का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में तैनात टीमों के पास जाकर वैक्सीन की कोल्ड चेन व्यवस्था, वैक्सीन वायल्स के रखरखाव और आइस पैक्स की स्थिति की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भीषण गर्मी और बदलते मौसम के बीच वैक्सीन की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन का रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीमों द्वारा किए जा रहे गृह-भ्रमण के दौरान घरों के मुख्य दरवाजों पर की जाने वाली विशिष्ट मार्किंग (जैसे ‘P’ और ‘X’ चिन्हों का अंकन) को भी देखा गया, ताकि यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि किस घर में लक्षित बच्चे को दवा पिलाई जा चुकी है और कहां बच्चा अनुपस्थित था।

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सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान: जिला टीकाकरण अधिकारी की अभिभावकों से अपील

भ्रमण के दौरान स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों से सीधा संवाद करते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी ने भावुक और जिम्मेदार अपील की। उन्होंने कहा कि “देश को पोलियो मुक्त बनाए रखना और हमारे बच्चों को इस गंभीर व आजीवन दिव्यांगता देने वाली बीमारी से सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। भारत ने भले ही पोलियो पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर ली हो, लेकिन जब तक वैश्विक स्तर पर इसका पूरी तरह उन्मूलन नहीं हो जाता, तब तक हर बार, हर दौर में बच्चों को यह जीवनरक्षक खुराक देना अनिवार्य है।”

उन्होंने अभिभावकों को समझाया कि नियमित टीकाकरण के अतिरिक्त पल्स पोलियो के इन विशेष राष्ट्रीय दौरों में पिलाई जाने वाली दवा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को अत्यधिक सुदृढ़ करती है। इसलिए, यदि बच्चे को कुछ दिन पहले भी नियमित टीका लगा हो, तब भी इस अभियान के तहत दी जाने वाली दो बूंद खुराक अवश्य पिलाई जानी चाहिए।

सरगुजा जिले में पल्स पोलियो अभियान 2026 का सांख्यिकीय ढांचा

सरगुजा जिले में इस तीन दिवसीय सघन अभियान के तहत विशाल स्तर पर तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान का लक्ष्य जिले के सुदूर अंचलों तक फैले हर एक पात्र बच्चे तक पहुंचना है। नीचे दी गई तालिका में अभियान के प्रबंधन और ढांचे को स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:

अभियान के मुख्य घटक आधिकारिक आंकड़े / विवरण
कुल लक्षित बच्चे (0 से 5 वर्ष) 1,42,685 बच्चे (अनुमानित)
स्थापित पोलियो बूथों की संख्या 899 बूथ
तैनात कुल टीमें 1104 टीमें (फील्ड एवं मोबाइल)
टीकाकरण कर्मियों (Vaccinators) की संख्या 2204 वैक्सीनटर्स
हाई-रिस्क और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था ईंट-भट्टे, निर्माण स्थल, घुमंतू बस्तियां, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन हेतु मोबाइल टीमें

मार्किंग और माइक्रोप्लानिंग की जमीनी समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी ने घरों पर टीमों द्वारा किए जा रहे चिन्हांकन (मार्किंग) की प्रक्रिया का विशेष अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि माइक्रोप्लान के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए। जिन घरों में बच्चे किसी कारणवश उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, वहां ‘X’ का स्पष्ट निशान लगाया जाए और शाम को या अगले दिन पुन: टीम भेजकर उन बच्चों को ट्रैक किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के साथ-साथ अभिभावकों को नियमित टीकाकरण (Routine Immunization) के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। माताओं और पिताओं को बताया गया कि डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी, और खसरा जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए शासन द्वारा निर्धारित टीकाकरण सारणी के अनुसार बच्चों का समय पर टीकाकरण कराना कितना आवश्यक है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त अपील

सरगुजा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों (NGOs), और सामाजिक कार्यकर्ताओं से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया है। प्रशासन द्वारा जारी संयुक्त अपील में कहा गया है:

  • यदि आपके पड़ोस, रिश्तेदारी या कार्यस्थल के आसपास कोई भी 05 वर्ष से कम आयु का बच्चा किसी कारणवश 28 या 29 जून को पोलियो की खुराक लेने से वंचित रह गया हो, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय मितानिन या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दें।
  • अभिभावक स्वयं आगे बढ़कर अपने बच्चों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या उप-स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं और दवा सुनिश्चित करें।
  • प्रवासी मजदूरों, निर्माण स्थलों पर कार्यरत परिवारों और ईंट-भट्टों पर रहने वाले लोगों के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है; नागरिक ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग से साझा कर सकते हैं।

अभियान के तीसरे दिन यानी कल 30 जून 2026 को भी यह घर-घर खोज और टीकाकरण का सिलसिला जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य संकल्प ‘एक भी बच्चा छूटा, संकल्प हमारा टूटा’ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करना है। आज के इस वृहद निरीक्षण और कड़े मैदानी निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरगुजा जिला अपने निर्धारित शत-प्रतिशत लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगा और पोलियो मुक्त भारत की साख को मजबूत बनाए रखने में अपना महती योगदान देगा।

संपादकीय टिप्पणी (प्रदेश खबर): बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र का भविष्य है। पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाना सिर्फ विभाग का नहीं, हम सबका राष्ट्रीय कर्तव्य है। अपने बच्चों को खुराक दिलाएं, देश को सुरक्षित बनाएं।


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