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छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। रायपुर से लेकर कबीरधाम, दुर्ग, बिलासपुर और अन्य जिलों तक उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिल, तेज रीडिंग और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध कर रहे हैं।

कई लोगों का दावा है कि पहले जहां हर महीने 1800 से 2000 रुपए तक बिजली बिल आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल दोगुना-तीन गुना तक पहुंच गया। इससे मध्यमवर्गीय और नौकरीपेशा परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है।

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रायपुर में तो बिजली कंपनी कुछ बंद घरों में हजारों का बिजली बिल भेज दिया है। शिकायत के बाद इन बिलों को सुधारा गया। बिजली बिल बढ़ने के बाद उपभोक्ता जहां परेशान है। वहीं बिजली कंपनी के अधिकारी सब ठीक होने की बात कह रहे हैं।

बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है, कि रीडिंग गलत नहीं है। उपभोक्ताओं ने जितनी यूनिट खपत की है, उसका ही बिल भेजा जा रहा है।

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