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New Education Policy: नई शिक्षा नीति का एक साल पूरे होने पर बोले पीएम मोदी- महात्मा गांधी के सपने हो रहे साकार, संबोधन की बड़ी बातें

नई शिक्षा नीति की वर्षगांठ पर पीएम मोदी बोले- युवाओं की शिक्षा पर निर्भर है देश की तरक्की

नई शिक्षा नीति का एक साल पूरे होने पर बोले पीएम मोदी- महात्मा गांधी के सपने हो रहे साकार, संबोधन की बड़ी बातें

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New Education Policy: शिक्षा नीति के एक साल पूरे होने पर बोले मोदी, 11 भाषाओं में होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई

नई शिक्षा नीति की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि 21वीं सदी का आज का युवा अपनी व्यवस्थाएं, अपनी दुनिया खुद अपने हिसाब से बनाना चाहता है, इसलिए, उसे एक्सपोजर चाहिए, उसे पुराने बंधनों, पिंजरों से मुक्ति चाहिए.

बीते एक साल में देश के सभी शिक्षाविदों ने नई शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने में बहुत मेहनत की है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते एक साल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार बनाकर बहुत से फैसले लिए गए। हमें यह याद रखना है कि नई शिक्षा नीति ही भविष्य के भारत का आधार तैयार करेगी और तमाम अन्य फैक्टर्स में से सबसे अहम कारण होगी। 21वीं सदी का आज का युवा अपनी व्यवस्था और अपनी दुनिया को अपने ही हिसाब से बनाना चाहता है। ऐसे में उसे एक्सपोजर चाहिए और पुराने बंधनों से मुक्ति चाहिए।

हम देख सकते हैं कि छोटे कस्बों और गांवों से निकले युवा कैसे-कैसे कमाल कर रहे हैं। हम टोक्यों ओलंपिक में भी देख सकते हैं कि भारत के सुदूर इलाकों से निकले युवा भी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर मशीन लर्निंग तक में युवा में अपना परचम लहराने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। यही युवा भारत के स्टार्टअप सिस्टम में क्रांति ला रहे हैं। डिजिटिल इंडिया को नई गति दे रहे हैं। आप कल्पना कीजिए कि जब इस युवा पीढ़ी को अपने सपनों के अनुरूप वातावरण मिलेगा तो उनकी शक्ति कितनी ज्यादा बढ़ जाएगी।

देश का युवा कभी भी बदलेगा स्ट्रीम, बढ़ेगी लोगों की स्किल
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का युवा अब कभी भी अपनी स्ट्रीम में बदलाव कर सकता है। अब उनके आगे यह डर नहीं रहेगा कि यदि उन्होंने कोई एक स्ट्रीम चुन ली तो फिर उसे बदल नहीं पाएंगे। यह डर जब युवाओं के मन से निकलेगा तो उनके मन से तमाम तरह के डर निकलेंगे और वे नए प्रयोग करने तत्पर होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे युवाओं को देश को समर्थ बनाने के लिए पूरी दुनिया के मुकाबले एक कदम आगे बढ़कर सोचना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि बीते एक साल में देश के 1,200 से ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थानों ने स्किल इंडिया से जुड़े कोर्सों की शुरुआत की है।

अब 11 भाषाओं में होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई
उन्होंने कहा कि हमने स्थानीय भाषाओं को भी प्रमुखता देने का फैसला लिया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब तमिल, मराठा, बांग्ला समेत 5 भाषााओं में शुरू होने वाली है। इसके अलावा कुल 11 भाषाओं में इंजीनियरिंग के कोर्स का अनुवाद शुरू हो चुका है। इसका सबसे ज्यादा लाभ देश के गरीब और मिडिल क्लास के स्टूडेंट्स को होगा। दलितों और आदिवासियों को होगा। इन्हीं परिवारों से आने वाले लोगों को लैंग्वेज डिवाइड का सामना करना पड़ता था। मातृभाषा में पढ़ाई से गरीबों का बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। इसके अलावा प्रारंभिक शिक्षा में भी मातृभाषा को प्रमोट करने का काम शुरू हो गया है।

पीएम मोदी छात्रों के लिए कई योजनाएं लॉन्‍च करेंगे

आज नई शिक्षा नीति की पहली वर्षगांठ है. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को एक साल पूरा होने पर सभी देशवासियों, विशेषकर विद्यार्थियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. बीते एक वर्ष में सभी महानुभावों, शिक्षकों, नीतिकारों ने इसे धरातल पर उतारने में बहुत मेहनत की है. पीएम ने कहा कि भविष्य में हम कितना आगे जाएंगे, कितनी ऊंचाई प्राप्त करेंगे, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि हम अपने युवाओं को वर्तमान में यानि आज कैसी शिक्षा दे रहे है, कैसी दिशा दे रहे हैं. मैं मानता हूं भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में बड़े factors में से एक है.

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उन्होंने आगे कहा कि 21वीं सदी का आज का युवा अपनी व्यवस्थाएं, अपनी दुनिया खुद अपने हिसाब से बनाना चाहता है, इसलिए, उसे exposure चाहिए, उसे पुराने बंधनों, पिंजरों से मुक्ति चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि इस युवा पीढ़ी को जब इनके सपनों के अनुरूप वातावरण मिलेगा, तो इनकी शक्ति कितनी ज्यादा बढ़ जाएगी, इसलिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को ये विश्वास दिलाती है कि देश अब पूरी तरह से उनके और उनके हौंसलों के साथ है. मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की जो व्यवस्था आज शुरू हुई है, इसने विद्यार्थियों को एक ही क्लास और एक ही कोर्स में जकड़े रहने की मजबूरी से मुक्त कर दिया है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज बन रही संभावनाओं को साकार करने के लिए हमारे युवाओं को दुनिया से एक कदम आगे होना पड़ेगा. हेल्थ, डिफेंस, इनफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नालजी, देश को हर दिशा में समर्थ और आत्मनिर्भर होना होगा. आत्मनिर्भर भारत का ये रास्ता स्किल डेवलपमेंट और तकनीक से होकर जाता है. भारतीय साइन लैंग्वेज को पहली बार एक भाषा विषय यानि एक भाषा विषय का दर्जा प्रदान किया गया है. अब छात्र इसे एक भाषा के तौर पर भी पढ़ पाएंगे. इससे भारतीय साइन लैंग्वेज को बहुत बढ़ावा मिलेगा, हमारे दिव्यांग साथियों को बहुत मदद मिलेगी.

पीएम ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में जैसे जैसे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अलग अलग फीचर्स हकीकत में बदलेंगे, हमारा देश एक नए युग का साक्षात्कार करेगा.


8 राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेज, 5 भारतीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू करेंगे

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि 8 राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेज, 5 भारतीय भाषाओं- हिंदी-तमिल, तेलुगू, मराठी और बांग्ला में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रहे हैं. इंजीनिरिंग के कोर्स का 11 भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेशन के लिए एक टूल भी डेवलेप किया जा चुका है. भारतीय साइन लैंग्वेज को पहली बार एक भाषा विषय यानी एक विषय का दर्जा प्रदान किया गया है. अब छात्र इसे एक भाषा के तौर पर भी पढ़ पाएंगे. इससे भारतीय साइन लैंग्वेज को बहुत बढ़ावा मिलेगा, हमारे दिव्यांग साथियों को बहुत मदद मिलेगी.

PM ने लॉन्च किया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम

पीएम मोदी ने बताया कि जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रोग्राम को अभी लॉन्च किया गया है, वो भी हमारे युवाओं को फ्यूचर ओरिएंटेड बनाएगा, AI ड्राइवन इकोनॉमी के रास्ते खोलेगा. हमने-आपने दशकों से ये माहौल देखा है जब समझा जाता था कि अच्छी पढ़ाई करने के लिए विदेश ही जाना होगा. लेकिन अच्छी पढ़ाई के लिए विदेशों से स्टूडेंट्स भारत आयें, बेस्ट संस्थाएं भारत आयें, ये अब हम देखने जा रहे हैं.

हर तरह के दबाव से मुक्त है शिक्षा नीतिः पीएम मोदी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हर तरह के दबाव से मुक्त रखा गया है. जो खुलापन नीति के स्तर पर है, वही खुलापन छात्रों को मिल रहे विकल्पों में भी है. अब छात्र कितना पढ़ें, कितने समय तक पढ़ें, ये सिर्फ संस्थाएं तय नहीं करेंगी, इसमें छात्रों की भी सहभागिता होगी.

पीएम मोदी ने कहा कि आज बन रही संभावनाओं को साकार करने के लिए हमारे युवाओं को दुनिया से एक कदम आगे होना पड़ेगा, एक कदम आगे का सोचना होगा. हेल्थ हो, डिफेंस हो, इंफ्रास्ट्रक्चर हो, टेक्नालॉजी हो, देश को हर दिशा में समर्थ और आत्मनिर्भर होना होगा.

अब देशी भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाईः पीएम मोदी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब देशी भाषाओं में शुरू किए जाने की बात करते उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि 8 राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेज, 5 भारतीय भाषाओं-हिंदी-तमिल, तेलुगू, मराठी और बांग्ला में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रहे हैं. इंजीनिरिंग के कोर्स का 11 भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेशन के लिए एक टूल भी डेवलप किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि भारतीय साइन लैंग्वेज को पहली बार एक भाषा विषय यानि एक विषय का दर्जा प्रदान किया गया है. अब छात्र इसे एक भाषा के तौर पर भी पढ़ पाएंगे. इससे भारतीय साइन लैंग्वेज को बहुत बढ़ावा मिलेगा, हमारे दिव्यांग साथियों को बहुत मदद मिलेगी.

Ashish Sinha

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