वर्मी खाद और कतार विधि  से लहलहा रही धान की खेती

वर्मी खाद और कतार विधि  से लहलहा रही धान की खेती

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// गोठनों में निर्मित वर्मी खाद का उपयोग कर कतार विधि से की गई धान की खेती लहलहाने लगे हैं। वर्मी खाद से पौधों को पौष्टिक तत्व मिलने से  धान के पौधों में तेजी से विकास हो रहा है। पौधों के तंदुरुस्त होने पर तेजी से वृद्धि हो रही है वही अब तक रोग या कीट का प्रकोप भी नही पाया गया है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

उपसंचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत लुंड्रा के ग्राम पंचायत असकला और कोट के किसानों ने  वर्मी कम्पोस्ट खाद के उपयोग से धान की रोपाई कतार विधि से की है। धान रोपाई का अंतराल 20 दिन है। वर्मी खाद के उपयोग से 20 दिन में ही धान फसल की वृद्धि बहुत तेजी से हुई है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

उल्लेखनीय हैं की सरगुजा जिले की गोठानो में गोबर से वर्मी खाद एवं सुपर कम्पोस्ट का निर्माण कर सहकारी समितियों में भंडारण कराया जा रहा है।  समितियो से किसान वर्मी खाद का उठाव कर रहे है।

जिले के किसान अब धान की परंपरागत खेती के स्थान पर आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति को अपना रहे है। यही कारण है कि धान की खेती में कतार विधि एवं श्रीविधि देखने को मिल रहा है। किसानों को इस विधि से खेती करने पर अधिक उपज मिलेगी।

banar-02