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रायपुर : महिलाओं के लिए गौठान बन रहे आमदनी के प्रमुख केन्द्र : एक ही दिन में कमाए 20 हजार रूपए

रायपुर : महिलाओं के लिए गौठान बन रहे आमदनी के प्रमुख केन्द्र : एक ही दिन में कमाए 20 हजार रूपए

रायपुर/11 मार्च 2021/छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना से महिलाएं जुड़कर अच्छी खासी आमदनी अर्जित कर रही है। योजना अंतर्गत गौठान मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित हो गए है। कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के महोरा गौठान की महिलाओं ने एक ही दिन में गौठान में बनाई विभिन्न सामग्रियों को बेचकर लगभग 20 हजार रूपए का व्यवसाय किया है। इस गौठान में काम कर रहे महिला स्व सहायता समूहों ने पत्तल, दोना, बाती और गोबर से बने गमले बेचकर यह राशि कमाई है। महोरा का गौठान आजीविका संवर्धन की गतिविधियों के लिए जिले ही नहीं पूरे प्रदेश में अब मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित हो गया है। 

 गौठान में काम कर रहीं महिलाओं ने 60 रूपए प्रति सैकड़े की दर से 14 हजार 200 नग पत्तल आठ हजार 520 रूपए में बेचीं हैं। महिलाओं ने गौठान के दोना-पत्तल सेंटर में बने 14 हजार 350 दोने 20 रूपए प्रति सैकड़े की दर से बेचकर दो हजार 870 रूपए का व्यवसाय किया है। गौठान की महिलाएं दो प्रकार की बाती बना रहीं हैं। आठ रूपए प्रति पैकेट की दर से 272 पैकेट और तीन रूपए प्रति पैकेट की दर से 375 पैकेट बाती बेचकर तीन हजार 301 रूपए का व्यवसाय किया है। गौठान में गोबर से गमले और आकर्षक मूर्तियां बनाने का काम भी महिला समूहों की सदस्य कर रहीं हैं। गौठान में बना गोबर का गमला दस रूपए प्रति नग की दर से बिक रहा है। महिलाआंे ने ऐसे 500 गमले बेचकर पांच हजार रूपए का कारोबार एक ही दिन में किया है।

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 उल्लेखनीय है कि पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में भांवर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम महोरा में बने गौठान की पहचान साल के बड़े-बड़े पेड़ों से शुरू होकर मल्टी एक्टिविटी सेंटर तक पहुंच गई है। यह गौठान सन् 2019 के सितम्बर महीने में बनकर तैयार हुआ है। अहिरन नदी के किनारे सात एकड़ रकबे में फैले इस गौठान में प्रति दिन 300 से अधिक पशुओं का आना-जाना है। गौठान मे महिला समूह सब्जी उत्पादन, जैविक खाद उत्पादन, जैविक कीटनाशक उत्पादन से लेकर अगरबत्ती निर्माण, दोना-पत्तल निर्माण, कोसा धागाकरण, मशरूम उत्पादन, जैविक खाद बैग प्रिंटिंग, मिनी राईस मिल संचालन जैसी गतिविधियों से जुड़ी हैं। पिछले दो वर्षों में इन महिलाओं ने लगभग ढाई लाख रूपए की आमदनी इन गतिविधियों से प्राप्त की है। गौठान में संचालित कृषि यंत्र सेवा केन्द्र से भी 16 हजार रूपए की शुद्ध आय इन समूहों को हुई है।

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