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मुख्यमंत्री बाल सन्दर्भ योजना अंतर्गत जिले में 473 कुपोषित बच्चों को मिली चिकित्सीय सुविधा

मुख्यमंत्री बाल सन्दर्भ योजना अंतर्गत जिले में 473 कुपोषित बच्चों को मिली चिकित्सीय सुविधा

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गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ सूरजपुर / संकटग्रस्त गंभीर कुपोषित बच्चों को कुपोषण के कुचक्र से बाहर निकालने के लिए प्रदेश में प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना से सैकड़ों की संख्या में बालक व बालिका लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राहुल देव के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के कुशल नेतृत्व में 106 अगस्त से सामुदायिक केन्द्रो में चिरायु कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर. एस. सिंह के द्वारा कैम्प में बाल रोग चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई हैं, जिनके द्वारा कैम्प में चिन्हांकित बच्चों की जांच की जा रही है। इस कार्य में जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपना सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

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इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सिसोदिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार 06 अगस्त से 11 अगस्त तक बिश्रामपुर, प्रतापपुर, ओड़गी, बिहारपुर, प्रेमनगर, रामानुजनगर, भैयाथान, भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिरायु कैम्प का आयोजन किया गया है, जिसमें 7 एचबी से 9 एचबी तक के 473 बच्चों का जांच कर लाभान्वित किया गया है। कैम्प के माध्यम से कुपोषित बच्चों का निःशुल्क उपचार करने के साथ ही चिकित्सकों के सलाह पर विशेष देख-रेख की जरूरत वाले बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) में दाखिल कराया जा रहा है। उपोषण

विदित हो कि गंभीर कुपोषित बच्चों को कुपोषिण से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना राज्य में 2009 से प्रारम्भ की गई है। जिसमें कुपोषित बच्चों को बालरोग चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ संकटग्रस्त बच्चों को अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर लाभांवित किया जा रहा है। योजनांतर्गत गंभीर कुपोषित • बच्चा अथवा संकटग्रस्त बच्चा जिन्हें कुपोषण निवारण हेतु इलाज या अन्य चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता है, उन्हें पात्र की श्रेणी में रखा जाता है। इस योजना का लाभ निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र या ब्लॉक मुख्यालय में स्थित परियोजना कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग में आवेदन कर लिया जा सकता है।

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