राजीनामा योग्य प्रकरणों में लोक अदालतों के माध्यम से निपटारा है समुचित हल।

राजीनामा से होगा विवादों का स्थाई निराकरण।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

राजीनामा योग्य प्रकरणों में लोक अदालतों के माध्यम से निपटारा है समुचित हल।
व्यवहार न्यायालय राजपुर के अधिवक्ता कक्ष में अधिवक्ता और पक्षकारों को संबोधित करते हुए आज व्यवहार न्यायाधीश सुश्री आकांक्षा बेक ने कहा कि विवादों का समुचित निपटारा के लिए समझौता सबसे बेहतर विकल्प है और लोक अदालत ने इस दिशा में लगातार काम कर रही हैं राजीनामा योग्य प्रकरणों के लिए आगामी माह में 11 सितंबर 2019 दिन शनिवार को लोक अदालत स्थानीय न्यायालय में भी आयोजित है जिसमें पीठासीन अधिकारी के अलावा लोक अदालत के 2 सदस्यों की उपस्थिति में समझौता योग्य आपराधिक प्रकरणों के अलावा सिविल विवादों में भी पक्षकार समझौता कर सकेंगे।
लोक अदालतों में समझौता के माध्यम से निपटाए जाने वाले प्रकरणों में कभी कोई पक्षकार नहीं हारता और ना कोई पक्षकार जीतता है दोनों ही पक्षकारों का सम्मान बरकरार रहता है,और आपस की कड़वाहट भी दूर हो जाती है इसलिए अधिवक्ताओं क्या अलावा पक्षकारों से भी निवेदन है कि जितना ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंच सके लोक अदालत के लिए पक्षकारों को जिनके मामले न्यायालय में विवादित हैं उन्हें जानकारी उपलब्ध कराकर मामले के समुचित निपटारा के लिए अपनी ओर से समुचित प्रयास अवश्य करें। सबकी कोशिश या होनी चाहिए कि हम प्रकरणों के निपटारे के मामले में न केवल जिला स्तर पर बल्कि राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी एक रिकॉर्ड कायम कर सकें और अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो ऐसी कोशिश सबकी होनी चाहिए।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के सचिव सुनील सिंह ने कहा कि देशभर में लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के निपटारे के लिए हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं न्यायालय में भर्ती मामलों के तादाद को देखते हुए यह आवश्यक भी है कि ऐसे मामले जिनमें राजीनामा हो सकते हैं उन्हें समझौता के माध्यम से शीघ्रता से निपटाया जाए ताकि पक्षकारों की सहमति से हुए निपटारे से भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद ना हो।
अधिवक्ता कक्ष में आज इस अवसर पर अधिवक्ता श्री उमेश झा, जितेंद्र गुप्ता,संजय पांडेय,टी,आर, पैकरा,जन्मेजय पांडेय,रामनारायण जयसवाल,लाल मोहन राम,शंकर अग्रवाल, सुनील चौबे, अजीत तिग्गा,विकास तिवारी, व अन्य पक्ष कार मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन संघ के सचिव सुनील सिंह द्वारा किया गया।