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महंगाई को डायन कहने वाले आज महंगाई को विकास बता रहे हैं :स्वामीनाथ जयसवाल

महंगाई को डायन कहने वाले आज महंगाई को विकास बता रहे हैं :स्वामीनाथ जयसवाल

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल ने मोदी सरकार पर तंज हुए कहां की वैश्विक महामारी के दौर में मार्च से देश में चल रहे लॉक डाउन के खत्म किये जाने के बाद प्याज, आतूद अन्य सब्जियों के साथ साथ घी,तेल. आटा, दाल मसाले सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दामों में हो रही वृद्धि ने उस दौर में आम आदमी का जीना दुशवार कर दिया है जब ग्रह जीवन बचाने के लिए भी संघर्ष करने को मजबूर है। यह आरोप राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल ने उस समय लगाया जब देश में मजदूर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व श्रमिकों की एक मीटिंग को सम्बोधित कर रहे थे। श्रमिक नेता स्वामीनाथ जायसवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दोनों सरकारों की जमाखोरों और कालाबाजारीओ से सांठगांठ के चलते देश में प्याज सहित आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ रहे है । जोकि बेहद चिन्ता का विषय है। देश में सुरसा की तरह बढ़ रही महंगाई डायन का यह आलम है कि आम आदमी की थाली से प्याज जैसी चीज भी गायब हो गई है। देशी कहावत है कि बदली सरकार बदला ऐसा महगाई का मिजाज कि आम आदमी प्याज रोटी से भी हुआ मेहताज।

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राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते वर्तमान के बदलते परिवेश में देश में सुरसा की तरह बढ़ रही बेकारी व महगाई ने कामगार हो या मजदूर . आम आदमी हो या छोटा कारखानेदार हर किसी का जीना हराम कर दिया है। हालात इतने पिताजनक है कि बेकारी व महगाई के चलते देश का आम आदमी बच्चों की पढाई लिखाई छोड कर सिर्फ जिंदा रहने तक के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। बेकारी की विभीषिका से जूझता कामगार आज खून की आसू.रोता हुआ कहता है कि बेरोजगार आदमी को जिंदा रहने के लिए जब प्याज,आलू व अन्य सब्जियों के साथ साथ घी,तेल आटा, दाल व मसाले व इंधन सहित सभी आवश्यक वस्तु तक जुटाने की लिए संघर्ष करना पड़ रहा है तो वह बच्चों को कैसे पढ़ाये। मोदी सरकार का इसी तरह के अच्छे दिन लाने का सपना और यही डिजिटल इंडिया की परिकल्पना है तो पुराना विलेज इंडिया ही सही था जय
गरीब को दो वक्त की रोटी तो नसीब हो जाती थी। बड़े दुख की बात है कि दोनों सरकारों ने महामारी के दौर में भी आपदाको अवसर में तब्दील किया।

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