
दुबई में गिरफ्तार हुआ इंटरनेशनल ड्रग तस्कर पवन ठाकुर, 262 करोड़ मेथ केस का मास्टरमाइंड
इंटरपोल ने दुबई में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर पवन ठाकुर को गिरफ्तार किया। 262 करोड़ की मेथ बरामदगी और 2500 करोड़ कोकीन केस का मास्टरमाइंड जल्द किया जाएगा भारत डिपोर्ट।
दुबई में धराया अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर पवन ठाकुर, 2500 करोड़ की कोकीन केस का मास्टरमाइंड; जल्द भारत किया जाएगा डिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इंटरपोल ने दुबई में कुख्यात तस्कर पवन ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पवन ठाकुर को जल्द ही भारत डिपोर्ट किया जाएगा। ठाकुर दिल्ली और NCR में हाल ही में पकड़े गए कई बड़े ड्रग मामलों का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता है।
NCB की 262 करोड़ की मेगा बरामदगी से खुली पोल
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 20 नवंबर को ‘ऑपरेशन क्रिस्टल फोर्ट्रेस’ के तहत दिल्ली में 328 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 262 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में एक महिला सहित दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
यह बरामदगी दिल्ली-NCR की सबसे बड़ी ड्रग रिकवरी में से एक मानी जा रही है।
क्या है ऑपरेशन क्रिस्टल फोर्ट्रेस?
यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी में शामिल अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर नकेल कसने के लिए चलाया जा रहा है।
NCB और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने दिल्ली के छतरपुर स्थित एक घर से बड़े पैमाने पर मेथामफेटामाइन पकड़ा, जिसका नेटवर्क सीधे दुबई तक जुड़ा मिला।
पवन ठाकुर— इंटरपोल के हिट लिस्ट में था
पिछले साल नवंबर में दिल्ली में पकड़ी गई 2500 करोड़ रुपये की कोकीन की बरामदगी में भी पवन ठाकुर ही मुख्य आरोपी था।
NCB ने इसकी जांच आगे बढ़ाई थी और इंटरपोल ने ठाकुर के खिलाफ पहला सिल्वर नोटिस जारी किया था।
ED की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने भी ठाकुर के ठिकानों पर छापेमारी की थी और जांच के दौरान उसके 118 बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए थे।
कैसे पकड़ा गया पवन ठाकुर?
सूत्रों के मुताबिक, NCB द्वारा लगातार इंटरपोल के साथ समन्वय, फाइनेंशियल ट्रेल की जांच और दुबई अधिकारियों से संपर्क के बाद ठाकुर का लोकेशन ट्रेस किया गया।
इसके बाद इंटरपोल ने एक ऑपरेशन में उसे हिरासत में ले लिया।
भारत डिपोर्ट करने की तैयारी
भारतीय एजेंसियों ने औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। जल्द ही उसे भारत भेजा जाएगा, जिसके बाद:
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दिल्ली में दर्ज बड़े ड्रग मामलों में पूछताछ
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2500 करोड़ की कोकीन केस की जांच
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अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के नेटवर्क का खुलासा
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हवाला और फाइनेंशियल लिंक की जांच
तेज गति से आगे बढ़ाई जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया पर बड़ी चोट
पिछले कुछ वर्षों में भारत में मेथ, कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई में तेजी आई है। पवन ठाकुर के पकड़े जाने को एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर सबसे बड़ी कार्रवाई मान रही हैं।












