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बाबा मस्त नाथ शिव मंदिर उपेक्षा का शिकार, चोर चोरी करने से नही आ रहे बाज

बाबा मस्त नाथ शिव मंदिर उपेक्षा का शिकार चोर चोरी करने से नही आ रहे बाज
गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख बिश्रामपुर- बाबा मस्त नाथ शिव मंदिर के स्टोर के दीवार में सेंधमारी कर अज्ञात चोरों ने हजारों रुपए का बर्तन चुरा कर ले गए।

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जानकारी के अनुसार विश्रामपुर कुमदा कॉलोनी मार्ग मे बाबा मस्तनाथ शिव मंदिर के भण्डार कक्ष में सेंधमारी कर अज्ञात चोरों ने सार्वजनिक भंडारा के लिए रखा गया एलमुनियम का दो बड़ा गंज, दो बड़ी कढ़ाई, कुकर ,शंकर जी के उपर नियमित जलाभिषेक के लिए रखा मटका,तांबा का 4 लोटा,1 घंटी,1 टॉर्च सहित हजारों रुपए का समान अज्ञात चोरों ने चोरी कर चलते बने। चढ़ावा में भक्तजनों द्वारा मंदिर में आयोजित होने वाला समय-समय पर भंडारा के लिए बर्तन दान किया गया था जिसे चोरों ने मंदिर को भी नहीं बक्शते हुए हुए हजारों रुपए का सामान चोरी कर निंदनीय हरकत की है।
बाबा मस्त नाथ शिव मंदिर उपेक्षा का शिकार
एक समय था जब एसईसीएल विश्रामपुर भूमिगत खदान जयनगर के स्वर्णिम वर्ष के दौरान बाबा मस्तनाथ ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर राम कुमार ट्रांसपोर्ट में कार्यरत भक्तों के लिए कंपनी के नाम पर ही बाबा मस्तनाथ शिव मंदिर का निर्माण किया था परंतु खदान के बंद होते ही ट्रांसपोर्ट कंपनी यहां से अन्यत्र चली गई । इसके संचालक रामकुमार ने मंदिर के संचालन एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूजारी रखा था परंतु उनकी मृत्यु के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक के पुत्र द्वारा इस ओर मुंह हमेशा के लिए मोड़ लिया गया ।तब से यह मंदिर उपेक्षित है। नगर के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यहां की पूजा पाठ करने के लिए पंडित इंद्रजीत दुबे को पुजारी के रूप में रखा है परंतु पंडित एवं मंदिर के पुजारी इंद्रजीत दुबे को किसी प्रकार से कोई पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा है, जिससे अब पुजारी का भी इस ओर से मोहभंग होता नजर आ रहा है। यदि पुजारी मंदिर की देखरेख करना छोड़ दें तो यह नर्सरी के मध्य स्थित मंदिर खंडार में तब्दील हो जाएगा ।
तत्कालिक महाप्रबंधक करते थे आर्थिक मदद
मंदिर की देखरेख के लिए एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के तत्कालीन महाप्रबंधक विद्यानंद झा ने मंदिर के पुजारी को मंदिर संचालन एवं मंदिर कैंपस में अनाथ गायों के देखरेख करने के लिए आर्थिक मदद करते थे।उनके स्थानांतरण के बाद आर्थिक मदद मिलना बंद हो गया।
*एक भाई पुजारी मंदिर का करता है देख रेख तो दूसरा बीमार एवं अनाथ गायों का करता है सेवा* जानकारी के अनुसार विश्रामपुर चोपड़ा कॉलोनी निवासी पंडित इंद्रजीत दुबे बिना किसी आर्थिक मदद के बाबा मस्त नाथ शिव मंदिर का नियमित दोनों समय पूजा अर्चना आरती का कार्य देखते हैं तो दूसरा भाई रंजीत दुबे क्षेत्र के सड़कों में जगह-जगह बीमार पड़ी एवं अनाथ गायों को अपने पास रखकर इलाज एवं देखरेख करते हैं। स्वस्थ गायों को इच्छुक व्यक्तियों को पालने के लिए सुपुर्द भी करते हैं। इनकी गायों के प्रति प्रेम देखकर तत्कालीन महाप्रबंधक ने सेड का निर्माण किया था ।वर्तमान महाप्रबंधक अमित कुमार सक्सेना प्रति सप्ताह 200 रुपए आर्थिक सहयोग देने की आश्वासन दिया है। यहां बताना आवश्यक है कुंदा कॉलोनी एवं विश्रामपुर मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग आना जाना तो करते परंतु इस मंदिर की ओर ध्यान देना उचित नहीं समझते। वही अज्ञात चोरों ने मंदिर में भक्तजनों द्वारा चढ़ाया गया बर्तन को भी पार कर दिया जो निन्दनीय है।जरूरत है इस मंदिर के रखरखाव का। यदि क्षेत्र के लोगों द्वारा इस मन्दिर के रख रखाव व गायों के देख रेख के लिए मदद के हाथ नहीं बढ़ाया गया तो यह मंदिर खंडहर में तब्दील होने से इनकार नहीं किया जा सकता है

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