राज्यपाल सुश्री उइके शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हुई शामिल।

रायपुर : राज्यपाल सुश्री उइके शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हुई शामिल

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने 95 विद्यार्थियों को प्रदान किया स्वर्ण पदक

बस्तर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए की जाएगी ठोस पहल: राज्यपाल सुश्री उइके

राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उइके आज बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के तीसरा दीक्षांत समारोह में शामिल हुई। राज्यपाल सह कुलाधिपति सुश्री अनुसुईया उइके द्वारा दीक्षांत के गरिमामयी अवसर पर 95 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। साथ ही वर्ष 2019-20 तथा 2020-21 में उत्तीर्ण स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई।

पैसा मांगने की बात को लेकर मॉ की हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार, थाना प्रतापपुर पुलिस की कार्यवाही

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने 95 विद्यार्थियों को प्रदान किया स्वर्ण पदक

राज्यपाल सुश्री उइके ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पदक प्राप्त करने वालों विद्यार्थियों में लगभग 75 फीसदी बालिकाएं हैं, जो इस बात का सूचक है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। ये अपनी दक्षता, क्षमता और प्रतिबद्धता से नए भारत की गाथा लिखने को तैयार हैं।
सुश्री उइके ने कहा कि प्रकृति की सुरम्य गोद में बसे बस्तर के विद्यार्थी कोरोना जैसी कठिन परिस्थिति में भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहे और अपने अथक परिश्रम एवं साधना से वांछित लक्ष्य को प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को मिली बड़ी सफलता

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने 95 विद्यार्थियों को प्रदान किया स्वर्ण पदक

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

सुश्री उइके ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य अंचल में स्थापित इस विश्वविद्यालय ने दूर दराज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि अंचल के आदिवासी युवाओं के उच्च शिक्षा के सपने को साकार करने के लिए बस्तर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने बस्तर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किए जाने की बात कही।

सिद्धी योग साधना वैलनेस सेंटर के तत्वधान में अमलेश्वर के बटालियन में हुआ योगा कार्यक्रम, नियमित योग करने किया प्रेरित।

राज्यपाल ने युवा विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी यहां की भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से जानने के साथ ही समाज से सीधे जुड़े हुए हैं। बस्तर से बाहर जाने पर यहां के आदिवासियों की सहज सरल व्यवहार, सुरम्य वातावरण तथा प्रकृति द्वारा इस अंचल को दिए गए सौन्दर्य के उपहार के संबंध में जरुर बताएं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए समाज को कुछ लौटाने का सुअवसर आ गया है। उन्होंने सभी युवाओं से अपने दायित्वों का निवर्हन करने और देश-प्रदेश की उन्नति में भागीदार बनने की अपील की।

स्टेट स्कूल का नाम, स्वरूप, विषय, स्कूल की सीट, माध्यम रहेंगे पूर्व की तरह

मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. अरुण कुमार सिन्हा ने शिक्षा को निरंतर प्रवाहित होने वाली धारा बताया। उन्होंने औपचारिक शिक्षा के साथ ही अनौपचारिक शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कुलपति डाॅ शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इस अवसर पर शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय में हो रहे विकास के संबंध में जानकारी दी।

केवल एक वर्ष के भीतर होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के 31 विद्यार्थियों को पांच सितारा होटलों में मिली नौकरियां।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती फुलोदेवी नेताम, दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, विश्वविद्यालय के व्याख्यातागण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

आकांक्षी जिलों में फोर्टिफाइड चावल का होगा वितरण