सीआईएसएफ कैम्प में मजदूरों से तीन माह काम करा कर मजदूरी दिए वगैर भागा ठेकेदार

सीआईएसएफ कैम्प में मजदूरों से तीन माह काम करा कर मजदूरी दिए वगैर भागा ठेकेदार

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गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख सीजी बिश्रामपुर- -सीआईएसएफ कैंप में कार्यरत नाई,धोबी,रोसोइया, सफाई कर्मचारियों का भुगतान कीए बगैर भागा ठेकेदार । मजदूरी न मिलने से परेशान इन गरीबों ने प्रबंधन से भुगतान करने की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल विश्रामपुर के बारूद घर (मैगजीन)की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की एक बटालियन के जवान तैनात किए गए है जो आरटीआई कार्यालय परिसर के आधे हिस्से में स्थित क्वार्टर में रहते हैं। सीआईएसएफ के जवानों को रहने खाने-पीने नाई ,धोबी, सफाई कर्मचारी ,रसोईया एवं उसके सहायक मजदूर के रुप में ठेका देने हेतु निविदा आमंत्रित कर काम दिया जाता है ।इसी कड़ी में कोतमा का ठेकेदार मुशर्रफ अली ने सीआईएसएफ का उक्त समस्त कार्य के लिए ठेका प्राप्त किया। ठेकेदार ने लाल राजवाड़े रसोईया ,महेंद्र प्रजापति रसोईया सहायक ,विजय रजक धोबी, शिवनारायण ठाकुर नाई के रूप में काम काम पर रखा और 3 माह का काम लिया। एक माह की मजदूरी भुगतान किया। 2 माह का जीवन लाल रजवाड़े का 9000 ,महेंद्र प्रजापति का 12000 ,विजय रजक का 14000 ,रूपनारायण का 12000, शिवनारायण ठाकुर का 14000 कूल 51000 की राशि का भुगतान न करते हुए फरार हो गया। जिससे मजदूर अपने वेतन भुगतान को लेकर एसईसीएल बिश्रामपुर के संबंधित दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। इन गरीब लोगों की उम्मीद थी कि ठेकेदार भुगतान कर देता है तो होली के पर्व पर बच्चों का कपड़ा -लाता की खरीदी करते परंतु उनके उम्मीदों पर पानी फिलहाल फिर गया है।

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ठेकेदार अधिकारियों का भी फोन नहीं उठाता* इस संबंध में एसईसीएल ओ सी एम के अधिकारियों से संपर्क करने पर बताया कि ठेकेदार हमारी फोन नहीं रिसीव कर रहा है ।केवल मैसेज करता है कि आज आयेंगे तो कल आएंगे ।इस तरह समय को खींचाता जा रहा है ।इस संबंध में प्रबंधक कार्मिक आर के तिवारी से संपर्क करने पर बताया कि मजदूरी ठेकेदार को किसी भी हाल में करना ही पड़ेगा। इन्होंने कहा कि ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी प्रबंधन के पास है। एक दो बार ठेकेदार को पत्र लिखा जाएगा नहीं आने पर सिक्योरिटी मनी से धनराशि काटकर मजदूरों को भुगतान किया जाएगा ।फिलहाल गरीब मजदूरों को प्रबंधक कार्मिक की इस भरोसे से उम्मीद जगी है। उल्लेखनीय है कि सीआईएसएफ कैंप में ठेकेदार काम तो ले लेते हैं परंतु कोई भी ठेकेदार समय पर इन मजदूरों का वेतन का भुगतान नहीं करता है ।प्रबंधन को चाहिए कि इन गरीब मजदूरों को समय-समय पर भुगतान करने की व्यवस्था अपने हाथों में ले।

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