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नरवा विकास : वर्ष 2021-22 में कैम्पा मद से 392 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत

रायपुर : नरवा विकास : वर्ष 2021-22 में कैम्पा मद से 392 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत

राज्य सरकार द्वारा संचालित सुराजी गांव योजना के तहत नरवा विकास कार्यक्रम अंतर्गत कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 में 392 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 01 हजार 962 नालों के 8.17 लाख हेक्टेयर जल ग्रहण क्षेत्र में लगभग 38 लाख भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य के वन क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण तथा संवर्धन के लिए बड़े तादाद में जल स्रोतों, नदी-नालों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य लिया गया है। कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 के तहत प्रदेश के दो राष्ट्रीय उद्यान, दो टाईगर रिजर्व, 01 सामाजिक वानिकी तथा 01 एलीफेंट रिजर्व सहित 30 वन मंडलों के नालों में भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाएं निर्मित की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य प्रतिकरात्मक वनरोपण, निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) मद से बनने वाली इन जल संग्रहण संरचनाओं से वनांचल में रहने वाले लोगों और वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नाले में पानी का भराव रहने से आस-पास की भूमि में नमी बनी रहेगी। इससे खेती-किसानी में सुविधा के साथ-साथ आय के स्रोत और हरियाली में भी वृद्धि होगी।
इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि नरवा विकास योजना के तहत कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 के अंतर्गत गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान सरगुजा के 50 नालों में 96 हजार 850 तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर के 7 नालों में 13 हजार 559 संरचनाओं का निर्माण किया किया जा रहा है। इसी तरह इन्द्रावती टायगर रिजर्व बीजापुर के 93 नालों में एक लाख 80 हजार 847 तथा अचानक मार्ग टायगर रिजर्व लोरमी के 52 नालों में एक लाख से अधिक संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा एलीफेंट रिजर्व सरगुजा के 64 नालों में एक लाख 23 हजार 580 तथा अनुसंधान एवं विस्तार जगदलपुर के अंतर्गत 33 नालों में 63 हजार से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

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इसी तरह वन मंडलवार बिलासपुर के 50 नालों में 96 हजार 850, मरवाही के 128 नालों में 2 लाख 48 हजार 516, कोरबा के 83 नालों में एक लाख 59 हजार 802 तथा कटघोरा के 50 नालों में 96 हजार 850 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। रायगढ़ के 19 नालों में 36 हजार 415, धरमजयगढ़ के 86 नालों में एक लाख 65 हजार 613, जांजगीर-चांपा के 5 नालों में 9 हजार 685 तथा मुंगेली के 35 नालों में 68 हजार 614 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
रायपुर के छह नालों में 12 हजार, बलौदाबाजार के 97 नालों में एक लाख 87 हजार 970, धमतरी के 10 नालों में 19 हजार 757, सुकमा के 65 नालों में एक लाख 24 हजार 936, बीजापुर के 28 नालों में 53 हजार 752 तथा दंतेवाड़ा के 5 नालों में 10 हजार 575 संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। जशपुर के 50 नालों में 96 हजार 850, सरगुजा के 49 नालों में 94 हजार 913, सूरजपुर के 35 नालों में 68 हजार 279, बलरामपुर के 136 नालों में 2 लाख 64 हजार 987 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। कोरिया के 123 नालों में 2 लाख 37 हजार 669, मनेन्द्रगढ़ के 85 नालों में एक लाख 63 हजार 676, कांकेर के 74 नालों में एक लाख 43 हजार 904 तथा पूर्व भानुप्रतापपुर के 25 नालों में 48 हजार 426 संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। वन मंडलवार केशकाल के 33 नालों में 64 हजार 260, पश्चिम भानुप्रतापपुर के 43 नालों में 82 हजार 710, दक्षिण कोण्डागांव के 75 नालों में एक लाख 44 हजार 451 तथा नारायणपुर के 60 नालों में एक लाख 16 हजार 220 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

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