आईएएस कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़-2022 के दूसरे दिन आयोजित हुई पैनल चर्चा

रायपुर : आईएएस कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़-2022 के दूसरे दिन आयोजित हुई पैनल चर्चा

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हमें बातचीत का सिस्टम बनाना होगा

आईएएस कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़-2022 के दूसरे दिन आयोजित पैनल चर्चा में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने चर्चा में भाग लेकर अपनी बात रखी। जिसमें सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अनिल स्वरूप, इंडियन एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव एडिटर पी.विद्यानाथन अय्यर एवं राष्ट्रपति पुरुस्कार पुरुस्कृत नुक्कड़ कैफ़े के संचालक प्रियंक पटेल बतौर पैनलिस्ट शामिल हुए। इस सत्र में छत्तीसगढ़ योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अच्छे कामों को प्रोत्साहन और जूनियर्स को मार्गदर्शन देना होगा: श्री अनिल स्वरूप
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अनिल स्वरूप ने पैनल में अपनी बात रखते हुए कहा कि हमें असाधारण हौसले और जज्बे को कायम रखना है। छत्तीसगढ़ के आईएएस अच्छा काम कर रहे हैं, यह काम बदलावजनक और परिणाममूलक है। जो अधिकारी अच्छे कार्य रहे उनकी अवश्य सराहना करें और सदैव प्रोत्साहित करें। जो समाज में और लोगों के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव ला सकते हैं और ला रहे हैं। योजनाओं का प्रभाव आपकी वजह से रहता है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहकर समर्पित भाव से काम करना चाहिए। हमारा यह स्वभाव हमें बेहतर से उत्कृष्ट करने की प्रेरणा देगा। हमें जूनियर अधिकारियों के अच्छे काम की तारीफ़ करनी चाहिए, उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए, उन्हें मार्गदर्शन देना चाहिए। हमें कैजुअल बातचीत का सिस्टम बनाना होगा।

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इंडियन एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव एडिटर पी.विद्यानाथन ने कहा कि लोकसेवा को राजनीति किस तरह से प्रभावित करती है, ये विचार करने वाली बात है। आपसे लोगों की अपेक्षाएं हैं, लोगों की भावनाएं और उनका विश्वास आपसे जुड़ा है। हम चाहते हैं कि आप इस अपेक्षा पर खरा उतरते रहें, आपके पास वो सभी सक्षमता हैं, जो आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। लोकतंत्र में नीतियों का संधारण, संचालन और क्रियान्वयन और उसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित और न्याय के पक्ष में खड़े होना है। ताकि आईएएस पर लोगों का पहला और आखि़री विश्वास बना रहे। हमें उस बदलाव को समझने की जरूरत है, जिसके लिए हम यहां हैं।

नुक्कड़ कैफ़े के संचालक प्रियंक पटेल ने कहा कि हमारा प्रयास सामाजिक समूह, संस्थाओं के साथ बातचीत के लिए बैलेंस बनाने का होना चाहिए। हमें नवाचार के लिए हमेशा तैयार रहने की प्रेरणा समाज को देनी चाहिए। आईएएस जनता और प्रशासन के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, आपका जज़््बा और दूरदृष्टि बड़े बदलाव की ताक़त रखती है। चर्चा सत्र के दौरान सत्र में मौजूद आईएएस ने विशेषज्ञ पैनलिस्टों से प्रश्न किए, जिस पर सभी विशेषज्ञों ने जवाब दिए। पैनल चर्चा की समाप्ति के पूर्व आईएएस एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष मनोज पिंगुआ ने पैनलिस्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।