कृषि उत्पादन आयुक्त ने राज्य में उर्वरक की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों और फर्टिलाईजर कम्पनियों के पदाधिकारियों की ली बैठक

रायपुर : कृषि उत्पादन आयुक्त ने राज्य में उर्वरक की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों और फर्टिलाईजर कम्पनियों के पदाधिकारियों की ली बैठक

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खरीफ 2022 के लिए छत्तीसगढ़ द्वारा 13.70 लाख मेट्रिक टन उर्वरक की मांग को केन्द्र सरकार ने दी स्वीकृति

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खरीफ फसल 2022 के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 13.70 लाख मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों की मांग को केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई है। यह जानकारी कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आज यहां महानदी मंत्रालय भवन में कृषि सहकारिता एवं पंजीयक विभागों सहित आपूर्तिकर्ता फर्टिलाईजर कम्पनियों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में दी गई। बैठक में खरीफ 2022 में राज्य के किसानों की डिमांड के आधार पर सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने विभागीय अधिकारी एवं फर्टिलाईजर कम्पनियों के पदाधिकारियों को समन्वय बनाकर शेड्यूल प्लान के अनुसार राज्य में उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ वर्ष 2022 हेतु 13.70 लाख मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों की मांग भारत सरकार को भेजी गई थी, जिसमें यूरिया 6.50 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3 लाख मेट्रिक टन, पोटाश 80 हजार मेट्रिक टन, एनपीके काम्प्लेक्स 1.10 लाख मेट्रिक टन एवं सुपर फॉस्फेट (राखड) 2.30 मेट्रिक टन शामिल है। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की मांग के अनुरूप 13.70 लाख मेट्रिक टन उर्वरक की आपूर्ति की स्वीकृति दी गई है।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में अब कुल 3,92,983 मेट्रिक टन उर्वरक का भंडारण हुआ है, जिसमें यूरिया 2,39,895 मेट्रिक टन, डीएपी 16,385 मेट्रिक टन, एनपीके 17,035 मेट्रिक टन, पोटाश 10,205 एवं सुपर फास्फेट (राखड़) 1,09,463 मेट्रिक टन शामिल है। भण्डारित मात्रा में सहकारिता क्षेत्र में कुल 1,18,037 मेट्रिक टन भंडारण है। सहकारिता क्षेत्र में यूरिया 83,811 मेट्रिक टन, डीएपी 686 मेट्रिक टन, एनपीके 1,882 मेट्रिक टन, पोटाश 594 मेट्रिक टन एवं सुपर फॉस्फेट 31,565 मेट्रिक टन भंडारित है।
बैठक में चर्चा के दौरान इस बात कि जानकारी दी गई कि नवीन एनबीएस पॉलिसी जारी नहीं किये जाने के कारण रासायनिक उर्वरक डीएपी, एमओपी एवं एनपीके आपूर्तिकर्ताओं द्वारा खरीफ 2022 हेतु रासायनिक उर्वरक के लिये जारी निविदा में भाग नहीं लिया गया, जिसके कारण माह अप्रैल हेतु जारी आवंटन के विरुद्ध अब तक उपरोक्त उर्वरकों की आपूर्ति राज्य को नहीं हुई है। मार्कफेड द्वारा प्रदेश में उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु अप्रैल माह के आवंटन के अनुपात में अल्पकालीन निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसमें निविदा द्वारा डीएपी, एनपीके 12ः32ः16 एवं पोटाश की आपूर्ति हेतु निविदा प्रस्तुत की गई है।
कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा उर्वरक प्रदायको को निर्देशित किया कि उनके द्वारा वर्तमान में प्रस्तुत दरे यथा डीएपी हेतु 1350 रूपए प्रति बोरी, एनपीके 12ः32ः16 हेतु 1470 रूपए प्रति बोरी एवं पोटाश हेतु 1700 रूपए प्रति बोरी पर नवीन एनबीएस पॉलिसी जारी होने तक प्रदेश में उक्त उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जावेगी एवं प्रदेश में लाए जा रहे उर्वरकों का 60 प्रतिशत आबंटन सहकारिता क्षेत्र में सुनिश्चित किया जायेगा।
बैठक में उर्वरक आपूर्तिकर्ताओं द्वारा जानकारी दी गई कि उनके द्वारा निविदा में प्रस्तुत दरों पर अन्य राज्यों को उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को खरीफ 2022 सीजन के लिए स्वीकृत विभिन्न प्रकार की उर्वरकों की मात्रा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य को अधिकतम मात्रा में उर्वरक आपूर्ति की बात कही गई। बैठक में संचालक कृषि यशवंत कुमार, प्रबंधन संचालक मार्कफेड श्रीमती किरण कौशल, अपर पंजीयक सहकारी संस्थाएं, इफको, कृभको, आईपीएल, चंबल, पीपीएल कम्पनी के प्रतिनिधि अधिकारी उपस्थित थे।