
Ambikapur भ्रष्टाचार के सारे सबूत मिलने के बाद भी कांग्रेस द्वारा अधिकारियों की पैरवी छत्तीसगढ़ के इतिहास का काला अध्याय- अनिल सिंह मेजर……….
भ्रष्टाचार के सारे सबूत मिलने के बाद भी कांग्रेस द्वारा अधिकारियों की पैरवी छत्तीसगढ़ के इतिहास का काला अध्याय- अनिल सिंह मेजर……….
ब्यूरो चीफ/सरगुजा// छत्तीसगढ़ में छापों एवं ईडी द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट के विषय पर संकल्प भवन भाजपा कार्यालय में भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह की अध्यक्षता में भाजपा वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर ने प्रेस को संबोधित किया। भाजपा के जिला महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता त्रिलोक कपूर कुशवाहा, निगम नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, आलोक दुबे, जिला संवाद प्रमुख संतोष दास एवं जिला सह संवाद प्रमुख रूपेश दुबे की उपस्थिति में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मेजर अनिल सिंह ने कहा कि ईडी प्रेस नोट ने छत्तीसगढ़ में हो रहे भ्रष्टाचार के पैकेट की पोल खोल दी है, कांग्रेस के शासन में छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का, किसानों का, आम जनता का और मेहनत का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चढ़ाया जा रहा है, एक तरफ सरकारी योजनाओं को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं तो दूसरी तरफ सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार सारी सीमाएं लांघ दी है, और यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक काला अध्याय के रूप में जाना जाएगा।
छत्तीसगढ़ में हो रहे भ्रष्टाचार पर प्रकाश डालते हुए आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार के लिए पूरा रैकेट बनाया गया है जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, व्यापारी, राजनेता और बिचौलिए जुड़े हैं, छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से ₹25 प्रति टन की अवैध वसूली की जा रही है, प्रतिदिन दो से तीन करोड रुपए जबरन वसूले जा रहे हैं। भ्रष्टाचार करने के लिए बकायदा नियम बदले गए, कोयले को खदानों से उपयोगकर्ताओं तक मैनुअल जारी करने के लिए ई परमिट की पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया में संशोधित किया गया, अनापत्ति प्रमाण पत्र इस संबंध में कोई एस ओ पी प्रक्रिया परिचालित नहीं की गई और यह सब भ्रष्टाचार ईडी के प्रेस नोट से उजागर हो चुका है। आगे उन्होंने कहा कि बिना किसी एसपीओ के 30,000 से अधिक एनओसी जारी किए गए, आवक और जावक रजिस्टर का रख रखाव नहीं किया गया, अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं किया गया, ट्रांसपोर्टर का नाम, कंपनी का नाम जैसे कई विवरण खाली छोड़ दिए गए, लक्ष्मीकांत तिवारी के पास से डेढ़ करोड़ रुपए नगद बरामद किया गया जहां उसने स्वीकार किया कि वह रोजाना लगभग दो करोड़ की राशि जबरन वसूली करता था।
मेजर ने प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि ईडी के प्रेस नोट में विस्तार से भ्रष्टाचार की प्रक्रिया जप्त की गई, बेहिसाब राशि, आभूषण, नगदी की जानकारी आने के बाद मुख्यमंत्री बघेल कब इस्तीफा देंगे, भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई में बाधा बनने के लिए मुख्यमंत्री बघेल क्या जनता से माफी मांगेंगे, क्या कांग्रेस सरकार अब यह बताएगी कि अधिकारियों, राजनेताओं और व्यापारियों का यह भ्रष्टाचार रैकेट 10 जनपथ दिल्ली में कितने रुपए पहुंचा रहा है, अधिकारियों के घर से नकदी आभूषण और अनेक बेहिसाब चीजें मिलने के बाद भी अब तक उन पर निलंबन की कार्यवाही क्यों नहीं हुई है तथा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग सरकारी पदों पर या सरकार द्वारा मनोनीत है और जिन पर जांच हुई है उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया क्यों नहीं गया।