ऊर्जाधानी संगठन पुराने रोजगार को लेकर करेगा अनवरत आंदोलन

ऊर्जाधानी संगठन पुराने रोजगार को लेकर करेगा अनवरत आंदोलन

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17 को गेट जाम धरना प्रदर्शन और हर सप्ताह के शुक्रवार को खदान के कार्यों को करेंगे ठप्प

भूविस्थापितों ने कहा- वादाखिलाफी, गुमराह, आश्वासन देकर धोखा दिया है एसईसीएल प्रबंधन ने

गेवरा//दीपका//कोरबा:-मुख्य महाप्रबंधक एसईसीएल दीपका क्षेत्र को ज्ञापन देकर पुराने लंबित रोजगार प्रकरण(1986) पर कार्यवाही नही करने पर आंदोलन की सूचना दी गई है

ऊर्जाधानी संगठन ने कहा है कि एसईसीएल दीपका क्षेत्र के द्वारा सन् 1986 मे ग्राम चैनपुर, सुवाभोडी़, सिरकी खुर्द, बेलटिकरी, झिंगटपुर, मलगांव, दीपका, रेकीं, रतिजा आदि ग्रामों का भूमि अधिग्रहण कोयला उत्खनन हेतु किया गया था । एसईसीएल दीपका परियोजना में कोयला खदान संचालित करने सन् 1988 में एसईसीएल प्रबंधन, शासन प्रशासन, एवं क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के द्वारा विभिन्न विषयों पर चर्चा कर, तैयार लिखित समझौता के आधार पर सहमति प्रदान कि गई थी, जिसके आधार पर प्रत्येक एक खाते मे स्वयं खातेदार य उनके वारिश को एसईसीएल दीपका परियोजना में रोजगार प्रदान की गई है।

एसईसीएल दीपका क्षेत्र में प्रबंधन द्वारा 131 लोगों की सुचीं रोजगार पात्रता जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा0) कटघोरा को भेजा गया था, जिसमे एसईसीएल दीपका के अधिकारी कर्मचारी व भूविस्थापितो की उपस्थिति में अनुविभागीय अधिकारी (रा0) कटघोरा द्वारा दिनांक-11/01/2014 एवं 15/01/2014 को रोजगार पात्रता की जांच कर एसईसीएल दीपका क्षेत्र को 41 पात्र नामांकित उम्मीदवारों की सुचीं रोजगार प्रदान करने हेतु दी गई थी। इस संबध में जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी, एसईसीएल प्रबंधन, और भू विस्थापितों के मध्य अलग अलग तिथियों में सहमति व निर्णय लिया है।

कार्यालय कलेक्टर एवं जिलादंडाधिकारी कोरबा (छत्तीसगढ़) द्वारा दिनांक 08.04. 2016 को अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर को जारी पत्र स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उत्तराधिकार अधिनियम के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण के बाद जन्मे हुए पुत्र या पुत्री को रोजगार संबंधी अधिकार प्राप्त होते हैं फिर भी उन्हें रोजगार देने कैसे से वंचित किया जा सकता है। एसईसीएल पूर्व में ऐसे प्रकरणों में रोजगार दिया जा चुका है।आगे उन्होंने मध्यप्रदेश शासन पुनर्वास विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक हवाला देते हुए कहा है कि जिन भूस्वामी की भूमि का पूर्व में अधिग्रहण किया जा चुका है और उनके भूस्वामीयो के व्यवस्थापन हेतु रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है उन पर संशोधित शर्तें लागू नहीं होगी ।उन्हें पूर्व में हुए समझौते के अनुसार भविष्य में भी रोजगार उपलब्ध कराए जाने का निर्देश है।

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दिनाँक 15.05.16 को पी. दयानंद, कलेक्टर की अध्यक्षता में हुए बैठक में निर्णय अनुसार भू अर्जन के अधिसूचना के बाद जन्म लेने वाले अश्रितो को रोजगार देने तथा पृथक पृथक भू अर्जन किए जाने वाले मामलों को अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक,एसईसीएल मुख्यालय विलासपुर/महाप्रबधक एसईसीएल दीपका क्षेत्र/अ .वि. अ. (रा. कटघोरा)को को एक माह के भीतर निराकृत करने का निर्देशित किया गया था ।

बैठक दिनांक 15 मार्च 2016 को 18 वर्ष होने पर उन्हें रोजगार की कार्यवाही हेतु अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसईसीएल बिलासपुर महाप्रबंधक को निर्देशित किया गया था।

दिनांक 28.10.17एसईसीएल दीपका परियोजना के अंतर्गत कुल 10 ग्राम बेल्टिकरी ,सिरकी, झींगटपुर, झाबर, मलगांव, रेंकि,रतिजा,दीपका एवं चैनपुर की भूमि का अर्जुन सन 1986 के मध्य की गई है उक्त किए गए अर्जन में कुल खातेदारों की संख्या 1445 है, जिसमें रोजगार के पात्र पाए गए संख्या 1645 है , जिसके तहत रोजगार प्रदान किए गए हैं किए गए की संख्या 1542 है जिसमें रोजगार हेतु शेष संख्या 103 है जिसमें 41 खातेदार को पात्र पाया गया, पात्र पाए गए खातोंदारों को तत्कालीन कलेक्टर द्वारा भूस्थापित के आश्रितों को दिए गए आश्वासन एवम मध्यप्रदेश शासन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग भोपाल द्वारा राज्यपाल के आदेश अनुसार जारी निर्देश के पत्र क्रमांक एफ 13/ 77/82/11–अ भोपाल दिनांक 31 जनवरी 1983 के तहत अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसईसीएल बिलासपुर महाप्रबंधक एसईसीएल दीपका निर्देशित किया गया है।

इसी प्रकार दिनांक 10/11/2017, 14/12/2017, 05/04/2018, 10/04/18, 03/07/2018 को भी एसईसीएल सह प्रबंधक निदेशक मुख्यालय बिलासपुर एवं क्षेत्रीय प्रबंधन को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है।

खाता संयोजन

एसईसीएल दीपका प्रबंधन द्वारा1986 में अर्जित भूमि में रोजगार देते समय कम से कम 1 एकड़ में एक रोजगार की पात्रता बताकर एवं अलग-अलग नाम पर दर्ज भूमि को खातेदार से सपथ पत्र लेकर गलत तरीके से मर्ज कर 3 रोजगार के बदले केवल एक ही रोजगार दिया गया है,जबकि अलग अलग नाम से अर्जन हुवा है। मुआवजा अलग हुवा हैं, स्टेटमेंट 5,6 में अलग नाम से दर्ज हैं ,शेष खातों में रोजगार प्रदान किया जावे।
इस ज्ञापन साथ संगठन ने बताया है कि वह चरणबद्ध आंदोलन की शुरुवात करने जा रही है। इसके तहत
दिनांक– 17/02/23 दिन शुक्रवार एसईसीएल दीपका कार्यालय में तालाबंदी,धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद दिनांक –24/02/23दिन शुक्रवार से प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को Secl दीपका खदान बंद आंदोलन किया जाएगा।