
जाति जनगणना पर कांग्रेस का बड़ा कदम, AICC OBC विभाग ने रजिस्ट्रार जनरल से मांगी स्पष्टता
कांग्रेस के AICC OBC विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने जाति जनगणना के क्रियान्वयन और ढांचे को लेकर रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त को पत्र लिखकर स्पष्टता मांगी है।
जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस का दबाव तेज, AICC OBC विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने रजिस्ट्रार जनरल को लिखा पत्र
जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त, भारत सरकार को पत्र लिखकर जाति जनगणना के क्रियान्वयन, पद्धति और वर्तमान स्थिति पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।
यह पत्र 27 जनवरी 2026 को भेजा गया है, जिसमें डॉ. जयहिंद ने जाति जनगणना को लेकर मौजूद नीतिगत अस्पष्टता और देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में जाति जनगणना की मांग
पत्र में उल्लेख किया गया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगातार समग्र और वैज्ञानिक जाति जनगणना की मांग करती रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह मांग संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और ओबीसी, ईबीसी व अन्य वंचित समुदायों के लिए लक्षित कल्याण योजनाओं को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
जनगणना प्रक्रिया पर उठाए गए अहम सवाल
डॉ. अनिल जयहिंद ने पत्र में जनगणना कार्यालय से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टता मांगी है—
- राष्ट्रीय जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल करने को लेकर सरकार की मौजूदा नीति और रोडमैप
- जाति आधारित डेटा संग्रह के लिए अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली, परिभाषात्मक मानक और डेटा सत्यापन प्रणाली
- ओबीसी और अन्य जातीय समूहों की गणना में पारदर्शिता, सटीकता और वैज्ञानिकता सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत सुरक्षा उपाय
- जाति जनगणना की शुरुआत या प्रगति में आ रही प्रशासनिक, तकनीकी या नीतिगत बाधाएं
‘राष्ट्रीय महत्व का विषय’ बताया
डॉ. जयहिंद ने अपने पत्र में जाति जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए कहा कि इस पर स्पष्टता न केवल कांग्रेस पार्टी की आंतरिक तैयारी के लिए, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों को सही जानकारी देने के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने रजिस्ट्रार जनरल से शीघ्र मुलाकात का समय देने का आग्रह किया है, ताकि इन अहम मुद्दों पर प्रत्यक्ष चर्चा की जा सके।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस की यह पहल ऐसे समय पर सामने आई है, जब केंद्र और विपक्ष के बीच सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और संसाधनों के बंटवारे को लेकर बहस तेज होती जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी संसद सत्र और राजनीतिक विमर्श में जाति जनगणना एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है।












