CG NEWS : सरपंच पति का फरमान, पहले चंदा फिर मिलेगा राशन, सरकारी राशन दुकान से ग्रामीणों को लौटाया जा रहा खाली हाथ…

कोरबा। CG NEWS : ग्रामीण क्षेत्र में महिला सरपंचो के पति किस तरह पत्नी के पद का दुरूपयोग करते हैं, इसका जीता जगता उदहारण है देखने को मिला है।आप भी देखना चाहते है तो चले आईये कोरबा। यहां के ग्राम पंचायत गिधौरी मे महिला सरपंच के पति की तुगलकी फरमान से गांव के ग्रामीणों के राशन को बैन कर दिया गया हैं। ग्रामीणों का आरोप हैं कि सरपंच पति ने नवरात्रि का चंदा देने वालों को ही सरकारी राशन देने का फरमान जारी किया हैं। लिहाजा सोसायटी मे ग्रामीणों के चंदा नही देने पर उनके हक का मुफ्त राशन देने से इंकार किया जा रहा हैं।

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सरकारी अनाज वितरण में मनमानी का ये पूरा मामला उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम गिधौरी का हैं। बताया जा रहा हैं कि गांव का सरपंच के पद पर विज्ञानी कंवर पदस्थ हैं। लेकिन गांव में महिला सरपंच के पति की ही तूती बोलती हैं। बताया जा रहा हैं कि गांव में हर साल नवरात्र का पर्व मनाया जाता हैं। इसके लिए बकायदा गांव के पंच ग्रामीणों के घर-घर जाकर पहले चंदा लिया करते थे। लेकिन इस वर्ष चैत्र नवरात्र के चंदा के लिए सरपंच पति गोविंदा कंवर ने अजीबो-गरीब फरमान जारी कर दिया गया। सरपंच पति ने नवरात्र का चंदा घर-घर जाकर लेने के बजाये सरकारी राशन दुकान में राशन लेने पहुंचने वाले ग्रामीणों से वसूल करने का निर्देश दे दिया गया।

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साथ ही ये भी आदेश दिया गया कि जो भी ग्रामीण चंदा का पैसा जब तक ना दे, तब तक उसके राशन का आबंटन ना किया जाये। गांव के ग्रामीण कार्तिक राम ने बताया कि वो राशन लेने सोसायटी गया हुआ था। सरकार से मुफ्त मिलने वाले राशन को देने से पहले दुकानदार ने चंदा देने की बात कही। पैसा नही होने पर उसे राशन देने से इंकार कर दिया गया। ग्रामीण कार्तिक राम ने बताया कि गांव में नवरात्र हर साल मनाया जाता हैं। इसके लिए बकायदा गांव के पंच ग्रामीणों के घर पहुुंचकर चंदा लिया करते थे। लेकिन मौजूदा वक्त में जिनके सामने आर्थिक तंगी हैं, या जो व्यक्ति अभी चंदा देने में सक्षम नही हैं, उन्हे राशन देने से मना किया जा रहा हैं, जो कि गलत हैं। सरपंच पति के इस तुगलकी फरमान के बाद जहा ग्रामीणों में गहरी नाराजगी हैं। वही खादय विभाग इस मामले पर अब तक कोई संज्ञान नही ले सका हैं। ऐसे में अब ये देखने वाली बात होगी कि सरपंच पति के इस अजीबो-गरीब फरमान पर जिला प्रशासन कोई एक्शन लेता हैं, या फिर चंदा के फेरे में गरीब ग्रामीणों को अपने हक के राशन से वंचित रहना होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।