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बिश्रामपुर क्षेत्र में अब तक 9 कॉलरी कर्मचारियों की मौत पूरे कंपनी में 93 मौत का आंकड़ा पहुंचा एक ठेका भी मौत

गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़ -एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में अब तक संक्रमण से 9 कर्मचारी अपने जान से गवा चुके है जबकि पूरे कंपनी में 94 कर्मचारियों ने संक्रमित होकर इस महामारी का शिकार हुए है। निरंतर कंपनी में बढ़ रहा है संक्रमण से अधिकारी – कर्मचारी भयभीत है।
जानकारी के अनुसार विश्रामपुर क्षेत्र में कार्यरत 9 कर्मचारी कोविड संक्रमण से अपनी जाने गवा चुके हैं जबकि एसईसीएल कंपनी में 93 कर्मचारियों ने अपनी जाने गवा चुके हैं। एक ठेकेदार कर्मचारी ठेका मजदूर भी संक्रमण का शिकार हुआ है। सबसे ज्यादा जाने सुहागपुर क्षेत्र में हुआ है यहां 22 कर्मचारियों ने अपनी जानें गंवा चुके है। कंपनी के9 क्षेत्रों पर मौत के आंकड़ों पर नजर डालें तो चौंकाने व भयभीत करने वाला आंकड़ा आज आया है। हसदेव क्षेत्र में 11, गेवरा में 5, दीपिका में 4, कुसमुंडा में 6, बैकुंठपुर में 10 ,रायगढ़ में 3,सुहागपुर में 22, कोरबा में 10, जोहिला में 2,जमुना कोतमा में 4 भटगांव में 5, विश्रामपुर में 9 चिरमिरी में 2,मुख्यालय बिलासपुर में 2 कुल 93 जाने जा चुकी है ,जबकि एक ठेकेदार कर्मचारी भी सोहागपुर क्षेत्र में भी इस संक्रमण का शिकार हुआ है।पूरे कंपनी पर संक्रमित (अस्वस्थ) होने वालों पर नजर डालें संक्रमित कर्मचारी है 1444, इलाज चल रहा है 760, स्वास्थ्य हुए 592 ,कर्मचारी आश्रित परिवार सदस्यों पर नजर डालें तो कुल 1217 संक्रमित 683 का इलाज एवं 522 स्वस्थ होकर घर लौटे है। संक्रमित ठेका कामगारों पर नजर डालें तो 64 संक्रमित 22 का इलाज एवं 41 स्वास्थ्य हो घर लौटे है तथा एक सुहागपुर क्षेत्र में संक्रमण का शिकार हुआ।
*संक्रमण के शिकार कर्मचारियों को 50 दिवस के अंदर नौकरी एवं मुआवजा दें अजय विश्वकर्मा*
कंपनी वेलफेयर के सदस्य एवं श्रमिक संगठन एटक केंद्रीय अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा ने क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक जीएस राव संपर्क कर स्पष्ट शब्दों में कहा कि कंपनी ने संक्रमण के शिकार कर्मचारियों को 15,00000 का मुआवजा दे रही है जिससे क्षेत्रीय प्रबंधन को तुरंत पीड़ित परिवार से संपर्क कर देना चाहिए ।इसी प्रकार कंपनी के नियम अनुसार 50 दिनों के अंदर तत्काल परिवार के सदस्य को नौकरी एवं संबंधितसी एम पी एफ, ग्रेच्युटी व सबंधित मद का भुगतान करना चाहिए। विश्वकर्मा ने कहां की तमाम खदान क्षेत्र में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क एवं आवश्यक सुविधाएं खदान स्तर पर करें साथ ही संबंधित अधिकारी मानिटरिंग भी करें कि मास्क कर्मचारी पहन रहे हैं या नहीं। कर्मचारियों को लाने ले जाने वाले बस का भी सैनिटाइजर नियमित करें।

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