
बिश्रामपुर एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र नया इतिहास 11लाख टन कोयला का किया उत्खनन 10,लाख कोल प्रेषण
बिश्रामपुर एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र नया इतिहास 11लाख टन कोयला का किया उत्खनन 10,लाख कोल प्रेषण
महाप्रबंधक ने सभी अधिकारी कर्मचारियों का इस उपलब्धि पर समारोह आयोजित कर किया सम्मान
गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर – अभी तो हम सब मिलकर 11लाख टन कोयला का उत्पादन एवं 10 लाख कोल प्रेषण का कार्य किया है ।हम सब इसी तरह टीम भावना एवं आपसी सामंजस्य से कंधा से कंधा मिलाकर 23 हजार टन कोयला का उत्पादन कर बिश्रामपुर क्षेत्र को कोल इंडिया का सर्वोच्च क्षेत्र बनाने हेतु कटिबद्ध हो जाए ।
उक्त उदगार एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक डॉ अमित सक्सेना ने क्षेत्र की इस उपलब्धि पर खदान में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए कही। महाप्रबंधक ने कहा कि आज तकनीकी की दुनिया है पहले खदानों को संचालन का जोखिम भरा काम था अब नवीन तकनीक आ जाने से कोयला उत्पादन का कार्य सरल हो गया । बिश्रामपुर एक ऐसा क्षेत्र है जो सीमित संसाधनों से कोयला का उत्पादन करते है, क्षेत्र में बड़ी मशीनें नहीं है परंतु हम सब मजबूत दिलवाले हैं । रेहर खदान से जो प्रतिदिन दो तीन सौ कोयला का उत्पादन होता था आज इस खदान से सहक्षेत्र प्रबंधक संजय मिश्रा जी 2000 टन कोयला निकाल रहे हैं , आपने भी बिना टेक्नोलॉजी के 700000 टन कोयला का उत्पादन कर चुके हैं। जो खजाने शून्य पर थी आज 1 लाख 10 हजार टन कोयला का उत्पादन कर रहे हैं । ये सब आप सभी के सहयोग टीम भावना से हुआ है ।आज यह कहते हुए हमें हर्ष हो रहा है कि बिश्रामपुर क्षेत्र जो लड़खड़ा रही थी आज वह 11 मिलियन टन से ज्यादा कोयला का उत्पादन कर चुकी है ,अभी तो हम सबका यह शुरुआत है ।आज हम सब एक 1100000 टन उत्पादन किए हैं इससे 4 गुना ज्यादा पार कर सकते हैं। बिश्रामपुर क्षेत्र के बलरामपुर खदान से पूर्व से हमारा नाता है। विश्रामपुर का गौरव गाथा कोल इंडिया में सुनाई पड़ता थी, सब कुछ होते हुए हम कैसे पिछड़ गए जब हमने महाप्रबंधक के रूप मे बिश्रामपुर क्षेत्र का प्रभार लिया था उस वक्त क्षेत्र मात्र 680 टन कोयला का उत्पादन कर रहा था। दिल बहुत दुखा ,आप सब की मेहनत से 680 टन का पीछा करते हुए क्षेत्र 10,000 टन प्रतिदिन कोयला का उत्पादन करने लगा है यह सब समय नियोजन, आप सभी का योगदान से संभव हो सका है । आमगांव का टेंडर हो चुका है । क्षेत्र से जब भरपूर कोयला उत्पादन होने लगेगा। आप सब की मेहनत ,समय का नियोजन ,टीम भावना ,जिला प्रशासन का सहयोग जनप्रतिनिधियों का सहयोग, जेसीसी सदस्यों का सहयोग, आम लोगों का सहयोग से क्षेत्र बहुत अच्छा करेगा। क्षेत्र कोयला उत्खनन में अब आगे निकल चुका है पीछे मुड़कर देखने वाला नहीं है। बिश्रामपुर क्षेत्र प्रारंभ से अब तक कोयला का उत्पादन नहीं किया था अब होने लगा है।
इस अवसर पर विभिन्न खदानों के प्रबंधकों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से नई तकनीक की सुरक्षा उत्पादन विभिन्न विषय पर लोगों की जानकारी दी । विश्रामपुर के उत्कृष्ट कार्य के लिए महिला शिवानी महिला समिति के अध्यक्ष आभा सक्सेना ने महाप्रबंधक को सम्मानित किया।
*अधिकारियों कर्मचारियों हम महाप्रबंधक ने किया सम्मान*
वित्तीय वर्ष 1100000 टन कोयला का उत्पादन कर बिश्रामपुर ने एक नया इतिहास रचे जाने पर महाप्रबंधक ने अपने अधिकारियों कर्मचारियों मजदूर नेताओं को सम्मानित किया सम्मानित किए जाने वालों ने महाप्रबंधक (खनन ) के सी साहू, सीएमओ डॉक्टर विवेकानंद सिंह ,क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी पार्थ चटर्जी, सहक्षेत्र प्रबंधक अनिरुद्ध सिंह ,संजय एम मिश्रा, बीके गुप्ता, दिनेश कुमार शर्मा ,खानप्रबंधक क्रमश: डीके मिश्रा, अमरेश पांडे ,सुरेश राम, गदाधर मंडल, संजय कुमार मिश्रा, अजय कुमार वर्मा ,के के भुई , प्रवीण कुमार, राकेश कुमार कार्मिक प्रबंधक अनुपम दास, आरबी नेताम, आर के शर्मा सहित श्रमिक नेता सुजीत सिंह, ललन सोनी ,पंकज गर्ग, राजेश सिंह, अरविंद सिंह आदि शामिल थे मंच का सफल संचालन क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी पार्थ चटर्जी ने किया।
कोल उत्खनन मे वर्षों से पिछड़ा हुआ था बिश्रामपुरअब अपने स्वर्णमयी काल की ओर
एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र वर्षों से कोयला उत्पादन में पिछड़ा हुआ था स्थिति खदानों की बंद होने जैसी थी परंतु अब सुनहरा अवसर लौटा है क्षेत्र बिश्रामपुर के द्वारा वित्तीय वर्ष 22-23 में 11लाख टन कोयला उत्पादन एवम 10 लाख टन कोयला प्रेषण किया । इस खुशी को प्रतीक कामगारों के बीच पहुंचाने के लिए महाप्रबंधक सभी से सीधा संपर्क कर खुशियां बांटने में लगे हुए । आज वित्तीय वर्ष 23- 24 के शुभारंभ में क्षेत्र के मुखिया महाप्रबंधक अमित सक्सेना स्वयम क्षेत्रीय कार्यालय में सभी कामगारों को बधाई दिए एवम मिष्ठान वितरित किये । कामगारों में से प्रतीकात्मक एक पुरुष एवम एक महिला कामगार को फूलों के गुलदस्ते दे कर सम्मानित किए । इस उपलब्धि में उन्होंने सभी कामगारों को प्रोत्साहित किये एवम इस वित्तीय वर्ष के लिये दिए गए उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने के लिए क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण एवम स्नेहपूर्ण वातावरण में आपसी सहयोग से मेहनत करने को कहा।












