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बलरामपुर : पीएम आवास योजना की वजह से पक्के मकान में सपरिवार खुशी से जीवन यापन कर रही है मोहरमनिया

बलरामपुर : पीएम आवास योजना की वजह से पक्के मकान में सपरिवार खुशी से जीवन यापन कर रही है मोहरमनिया

सतीश जायसवाल /रिपोटर/ बलरामपुर/ रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इंसान जीवनभर संघर्ष और मेहनत करता है, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए स्वयं का आवास एक सपने जैसा है, परंतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का समुचित लाभ समाज के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचने की रही है, ताकि समाज के हर वर्ग का समुचित विकास हो सके। इसी कड़ी में कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में निवासरत गरीब वर्ग के हितग्राहियों के स्वयं का आवास बनाने का सपना साकार हो रहा है।

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कई लोगों के लिए मकान उनकी पूरी जिंदगी होती है खासकर, तब जब उनकी आधी जिंदगी कच्चे के घर में गुजर गई हो और जब उनका खुदका सपना सच होता है तो वो खुशी उनके लिए क्या मायने रखतीं है शब्दों में बयां करना पाना मुश्किल है। बलरामपुर की निवासी मोहरमनिया की उम्र 55 वर्ष हो चुकी है वह अपने पुश्तैनी कच्चे के घर में चार बच्चों के साथ जीवनयापन कर रही थी, वे बताती हैं कि पति के देहांत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधे पर आ गयी। उन्होंने मज़दूरी करके अपने चार बच्चों का मुश्किल से पालन-पोषण किया। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए भावुकता से बताया कि नहीं सोचा था कि इस जीवन मे कभी पक्के के मकान में रह पाऊंगी, उनके लिये पक्के का मकान एक सपने जैसा था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में पक्का आवास बनाने के लिए शासन से स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि और स्वयं की बचत राशि को मिलाकर उन्होंने पक्का मकान बना लिया। आज वह अपने परिवार के साथ पक्के के मकान में खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं।

पोती के बेहतर भविष्य के लिए दे रही हैं उच्च शिक्षा

मोहरमनिया बताती है कि तत्कालीन परिस्थितियों के कारण न तो वह खुद ज्यादा पढ़ पायी और न ही पैसों के अभाव में अपने बच्चों को ज्यादा शिक्षा दे पाई लेकिन आज वह अपने पोती के बेहतर और सुनहरे भविष्य के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक कारणों के चलते शिक्षा से वह और उनके बच्चे वंचित रह गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बेहतर शिक्षा नीति के कारण उनकी पोती अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रही है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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