एसटीएफ ने पकड़ा फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज, 2 गिरफ्तार

एसटीएफ ने पकड़ा फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज, 2 गिरफ्तार

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

नोएडा: फर्जी कॉल सेंटर के जरिए धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लगातार दूसरे दिन एसटीएफ ने नोएडा में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा है। एसटीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों ही इंटरनेट के जरिए वीओआईपी कॉल को लोकल नेटवर्क पर बदलकर बातचीत करवाते थे। इस तरह के फर्जी एक्सचेंज से रंगदारी, धमकी और कई प्रकार की कॉल भी होती थी। इनकी पहचान अंश कुमार सक्सेना और कन्हैया कुमार हुई है।
इनके पास से छ आईफोन, एक आईफोन-14 प्रो, एक एक्सयूबी-300 , आईफोन-7, आईफोन-13 प्रो , 9 आईसीआईसीआई की चेकबुक के अलावा टेलीफोन एक्सचेंज का सामान मिला है। इन दोनों को एसटीएफ नोएडा फेज-1 पुलिस ने संयुक्त रूप से ए-44 बीडीएस वर्क इथोपिया थाना फेज-1 क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

एसटीएफ ने बताया कि काफी दिनों से इस तरह की शिकायत मिल रही थी कि इंटरनेशनल कॉल को देश के गेटवे से बाइपास कर इंटरनेट के जरिए लोकल बनाकर बातचीत कराई जा रही है। जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा था। इसको लेकर सूचना मिली थी कि मेहतो बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा एसआईपी प्राप्त करके सेक्टर-20 ए-44 बी-5 के बेसमेंट में अवैध रूप से टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ की टीम ने दूरसंचार विभाग, टाटा टेली सर्विसेस और थाना फेज-1 की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। वहां से दोनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए कन्हैया ने बताया कि उसकी उम्र करीब 33 साल है। वो बीएससी पास और 2011 में कंप्यूटर नेटवकिर्ंग में काम कर चुका है। वो दिल्ली के पाथ विवर में आईटी सोल्यूशन प्रोवाइडर के तौर पर काम कर चुका है।

2014 से 2017 तक अराई टेलीफोन दिल्ली में भी काम किया। वहां पर उसने पीआइआई सर्वे से कांफ्रीगेशन काम सीखा फिर फ्रीलांस काम किया। इस दौरान उसकी मुलाकात अंश सक्सेना से हुई। अंश सक्सेना की मदद से ही चार माह पहले ही टेलीफोन एक्सचेंज का सेटअप बनाया था। जिसमें कन्हैया कुमार ने कांफ्रीगेशन कर इंटीग्रेटेड किया। उसने इसका प्रमोशन लिंक्ड इन पेज पर किया था। वहां से तीन क्लाइंट आईपी पेज सिफिटल, आई पेज और क्यू कॉम लिंक्ड इन स्काइप पर संपर्क किया। इसके बाद स्काइप पर ही सर्वर की आईपी शेयर की। जिसके बाद सर्वर पर कॉल आनी शुरू होती थी।।