
डबल इंजन सरकार का बड़ा कदम: मुख्यमंत्री साय ने पेश किया बिलासपुर का 15 वर्षीय विकास रोडमैप
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में बड़ा फैसला। केंद्र–राज्य समन्वय से 10–15 वर्षों का शहरी विकास रोडमैप तय, राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर बिलासपुर को मिलेगी नई पहचान।
रायपुर, 6 जनवरी 2026|छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने बिलासपुर को राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बिलासपुर के 10–15 वर्षों के समग्र शहरी विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
बैठक में केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की संयुक्त मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिलासपुर का विकास अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली और रायपुर के प्रत्यक्ष समन्वय से प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, यातायात प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और नगर नियोजन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर लागू होने योग्य योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बिलासपुर को छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब के रूप में विकसित करने का संकेत दिया। लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा देकर बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी के साथ यह संदेश भी गया कि बिलासपुर का विकास सामूहिक राजनीतिक संकल्प है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विकास रोडमैप के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही।
केंद्र–राज्य समन्वय से स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को गति मिलेगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ होगा। आने वाले वर्षों में औद्योगिक निवेश, रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से बिलासपुर और उत्तर छत्तीसगढ़ को नई आर्थिक दिशा मिलने की उम्मीद है।










