
Chhattisgarh Education News | जगदलपुर की डिंपल कश्यप बनी प्रेरणा, अटल उत्कृष्ट योजना से संस्कार सिटी स्कूल में चयन | Chhattisgarh Education News
जगदलपुर के ग्राम बिलौरी की श्रमिक परिवार की बेटी डिंपल कश्यप का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत संस्कार सिटी स्कूल राजनांदगांव में हुआ। पूरी पढ़ाई निःशुल्क होगी।
श्रमिक की बेटी बनी सफलता की मिसाल: अटल उत्कृष्ट योजना से डिंपल कश्यप को मिला संस्कार सिटी स्कूल में दाखिला
जगदलपुर, 23 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई ऐतिहासिक क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब जमीन पर साकार होता दिखाई दे रहा है।
इसी क्रम में बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी निवासी, पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा, मेहनत और लगन के दम पर एक नई सफलता गाथा लिखी है। राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में चयन के आधार पर डिंपल का दाखिला राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल में हुआ है।
कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा
डिंपल वर्तमान में कक्षा 6वीं में अध्ययनरत है और वह कक्षा 12वीं तक पूरी शिक्षा निःशुल्क प्राप्त करेगी। यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है।
श्रमिक कल्याण मंडल उठाएगा पूरा खर्च
इस सफलता की सबसे अहम कड़ी यह है कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने डिंपल की माध्यमिक से उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इससे परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह समाप्त हो गया है।
पिता बोले – सपना सच होने जैसा
पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक होकर कहते हैं कि —
“एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। हम दिन-रात मेहनत इसलिए करते हैं ताकि हमारे बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके। सरकार की इस योजना ने हमारे सपनों को हकीकत बना दिया है।”
बिलौरी से संस्कार सिटी तक: प्रेरणादायक सफर
माता-पिता के लिए यह गर्व का क्षण है। उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी बेटी अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी।
ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर संस्कार सिटी स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के हर उस वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं।
शासन की यह पहल यह संदेश देती है कि यदि प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकारी योजनाएं मजबूत सेतु बनकर बच्चों को सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाती हैं।










