300 महिलाओं ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन हेतु ग्रामीण अंचलों मे जागरूकता की ली शपथ

300 महिलाओं ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन हेतु ग्रामीण अंचलों मे जागरूकता की ली शपथ

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

माहवारी स्वच्छता दिवस पर आयोजित हुईं स्वच्छता संगोष्ठी
माहवारी स्वच्छता दिवस पर महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य हेतु 300 महिलाओं ने देखी पैडमैन फिल्म
ग्राम पंचायतों में सरपंच-सचिव ने महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को वितरित किये सेनेटरी-पैड बताई उपयोगिता

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

मनोज यादव/न्यूज रिपोर्टर/बलरामपुर/ स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत माहवारी स्वच्छता प्रबंधन दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री रिमिजियुस एक्का के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में माहवारी स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुईं। संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन हेतु स्वच्छता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मितानिन स्वच्छाग्रही महिलाओं के साथ किशोरी बालिकाओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
विदित हो कि प्रतिवर्ष 28 मई को महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महामारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में स्वच्छता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेमचंद्र बनर्जी ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन अंतर्गत व्यक्तिगत स्वच्छता, सेनेटरी पैड का उपयोग, महत्व के साथ बरती जाने वाली सावधानियां पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। साथ ही कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री जे. आर. प्रधान के द्वारा भी माहवारी स्वच्छता प्रबंधन इसका महत्व एवं स्वस्थ जीवन हेतु जानकारी दी गई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में महिला एवं किशोरी बालिकाओं को गृह भेंट, टीकाकरण, पोषण दिवस जैसे कार्यक्रमों के दौरान अभियान चलाकर ग्रामीण अंचल की महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षकों ने स्वच्छता संगोष्ठी मंे बताया की जागरूकता के आभाव मे व्यक्तिगत स्वच्छता को ध्यान में ना रखने के कारण एवं सेनेटरी पैड की जगह गंदे कपड़ो के उपयोग से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण के इलाज के आभाव एवं सही परामर्श ना मिलने के कारण तथा शर्म एवं झिझक के कारण गर्भाशय का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रूप धारण कर लेता है और महिला एवं किशोरी बालिकाओं को ऑपरेशन जैसी स्थितियांे से गुजरने के साथ-साथ आर्थिक हानि भी उठानी पड़ती है।
जिज्ञासाओं का मिला समाधान
स्वच्छता संगोष्ठी के दौरान माहवारी से संबंधित समाज में फैली भ्रांतियां एवं कुरीतियों पर जागरूकता हेतु पैड मैन फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही माहवारी के दौरान कमर दर्द, सिरदर्द, पेट दर्द जैसे लक्षणों के निवारण हेतु गर्म पानी का उपयोग, संतुलित आहार, शारीरिक आराम जैसे आसान और सहज तरीके भी बताये गये। स्वच्छता संगोष्ठी के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामुदायिक जागरूकता हेतु शपथ ली की माहवारी पर शर्म एवं झिझक छोड़कर खुलकर चर्चा करेंगे। जिससे एक स्वस्थय समृद्ध सुपोषित समाज का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम मंे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बनर्जी व कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जे.आर. प्रधान के साथ स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की टीम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, मितानिन, स्व-सहायता समूह की सक्रिय महिलाएं किशोरी बालिकाएं उपस्थित रही।