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‘सुघ्घर पढ़वइया’: कक्षाओं में आखिरी पंक्ति में बैठे बच्चों के स्तर को सुधारने का प्रयास करें शिक्षक शिक्षकों को कार्यक्रम की जानकारी देने वेबीनार का आयोजन

रायपुर : ‘सुघ्घर पढ़वइया’: कक्षाओं में आखिरी पंक्ति में बैठे बच्चों के स्तर को सुधारने का प्रयास करें शिक्षक शिक्षकों को कार्यक्रम की जानकारी देने वेबीनार का आयोजन

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रायपुर/ प्रदेश के सभी शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में उनकी प्रतिभा के अनुरूप कौशल विकास विकसित करने के लिए ‘सुघ्घर पढ़वइया’ कार्यक्रम शुरू की गई है। इस कार्यक्रम की जानकारी जमीन स्तर पर दिए जाने के लिए राज्य स्तरीय वेबीनार का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बाल दिवस के अवसर पर सुघ्घर पढ़वइया कार्यक्रम की घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य बच्चों में उत्कृष्ट अकादमिक कौशल विकसित करने के साथ ही स्वप्रेरणा से अच्छे कार्य एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए तत्काल पहल करते हुए पूरे कार्यक्रम का डिजाइन तैयार किया गया है। कक्षा पहली से आठवीं तक के लिए दक्षताओं का चिन्हांकन निरीक्षण के टूल विकसित करने का कार्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निर्देशन में प्रारंभ किया है। समग्र शिक्षा द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के लिए इच्छुक 400 से अधिक शिक्षकों और अधिकारियों की सूची एकत्रित की गई है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला ने कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी देते हुए इसकी विशेषताओं जैसे एक स्कूल में सभी शिक्षकों को एक टीम के रूप में जुड़कर चुनौती देने, कार्यक्रम से जुड़ने के लिए पूर्ण स्वेच्छिक पहल, टीम वर्क और सभी स्कूलों को जुड़ने की प्रक्रिया बताई। सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन ने कक्षाओं में आखिरी पंक्ति में बैठे बच्चों के स्तर को भी सुधारने के लिए प्रयास करने का आव्हान किया। उन्होंने इस कार्यक्रम से अधिक से अधिक शिक्षकों के जुड़ने और बच्चों की दक्षता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने कहा कि सभी संकुलों, विकासखण्डों एवं जिलों के बीच आपस में स्वस्थ्य प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। उन्होंने सभी को एक दूसरे का सहयोग करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आव्हान किया। एनआईसी के वरिष्ठ तकनीकी संचालक सोम शेखर ने बताया कि कार्यक्रम से जुड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल में आवेदन देने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल में शिक्षकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं जैसे- ऑन डिमांड प्रशिक्षण एवं संदर्भ सामग्री की उपलब्धता की जानकारी दी। शेखर ने बताया कि एससीईआरटी द्वारा शिक्षकों के लिए छोटे-छोटे कोर्सेस तैयार किए गए हैं। वेबीनार में कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न मुद्दे पर शिक्षकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिया गया। वेबीनार में संचालक एससीईआरटी राजेश राणा, राज्य योजना आयोग में शिक्षा सलाहकार सुश्री मिताक्षरा कुमारी, उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय आशुतोष चावरे ने भी उपस्थित होकर अपने विचार रखे।

Ashish Sinha

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